
जयपुर।
डेटिंग एप ( Dating App ) के जरिए दोस्ती कर दिल्ली में रिटायर्ड विंग कमांडर की पत्नी की हत्या कर 50 लाख रुपए और जेवर लूट का मामला कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें डेटिंग एप और वेबसाइट के जरिए दोस्ती कर संगीन अपराध किए गए हैं। ऐसा ही एक मामला पहले जयपुर में भी हो चुका है, जिसमें पहले युवक को अपनी खूबसूरती के जाल में फंसाया गया और बाद में उसकी हत्या कर दी गई। इस वारदात को अंजाम दिया था प्रिया सेठ ( Priya Seth ) नाम की युवती ने। अपनी खूबसूरती के जाल में मालदार लोगों को फंसाकर प्रिया ब्लैकमेलिंग का काम करती थी।
जयपुर के दुष्यंत शर्मा मर्डर केस की मास्टरमाइंड प्रिया सेठ ( Jaipur Priya Seth Case ) थी। प्रिया सेठ ने प्रेमी दीक्षांत का कर्जा चुकाने के लिए जयपुर के ही एक युवक दुष्यंत को अपने जाल में फंसाकर अपहरण के बाद उसे मार डाला था। प्रिया का प्रेमी दीक्षांत मुंबई के एक संभ्रात परिवार से है जो घटना के कुछ अरसे पहले ही शातिर प्रिया सेठ के संपर्क में आया था।
पति-पत्नी का स्वांग करते हुए इन दोनों ने पहले जयपुर में एक लग्जरी फ्लैट लिया था। इसी फ्लैट में प्रिया ने मृतक दुष्यंत को अपने जाल में फंसाकर ब्लैकमेलिंग का खेल रचा था। रुपए ऐठने के लिए अपने साथियों के साथ मिलकर पहले चाकू से ताबड़तोड़ वार किए और फिर बिजली के तार से गला घोंटकर दुष्यंत की हत्या कर दी थी। इसके बाद लाश को एक सूटकेस में डालकर उसकी कार से ही आमेर थाना इलाके में फेंककर वापस आ गए। लेकिन पुलिस की छानबीन और कामयाबी ने इनको सलाखों के पीछे डाल दिया।
कई अपराध कर चुकी प्रिया सेठ
प्रिया सेठ पहले भी थाना मानसरोवर में एटीएम तोडऩे के प्रयास, श्याम नगर से पीटा एक्ट, वैशाली नगर में ब्लैकमेलिंग के अपराध में गिरफ्तार हो चुकी थी। जबकि दूसरे आरोपी दीक्षांत कामरा का भी मुंबई में किसी पंकज नाम के अपराधी के गिरोह से संपर्क होना सामने आया था।
छह साल से गंदा धंधा कर रही थी
लोगों कां अपने जाल में फंसाने के लिए प्रिया सेठ ने वेबसाइट बना रखी थी। वह अपने सुंदरता के जाल में फंसा लोगों से मोटी रकम ऐंठती थी। वह गिरफ्तार होने से पहले पिछले छह साल से गंदा धंधा कर रही थी।
एस्कॉर्ट सेवा का कारोबार किया शुरू
मानसरोवर स्थित निजी कॉलेज में पढ़ाई के दौरान ही उसने ऑनलाइन एस्कॉर्ट सेवाएं (वेश्यावृत्ति) का कारोबार शुरू कर दिया था। पुलिस पूछताछ में खुद अपना कच्चा चिट्ठा खोलने वाली युवती का कहना है कि वह मूलत: फालना (पाली ) की रहने वाली है।
40-55 साल तक के लोग होते थे राडार पर
जानकारों के अनुसार उसने स्वीकार किया कि वह अपना नेटवर्क पूरी तरह शहर में ही रखती थी। वेश्यावृत्ति से जुड़ी साइट्स पर अपना मोबाइल नम्बर छोड़ देती थी। कॉल उन्हीं ग्राहकों के लेती जो शहर में रहते हों। साथ ही उसकी राडार पर 40-55 साल तक के लोग होते थे। प्रयास यही करती कि एक दिन में तीन-चार ग्राहकों से बात कर सके या उनसे मिल सके। उनसे पूरी तरह जानकारी जुटा मिलने की बात तय करती। उसने बताया कि धंधे के लिए वह एप की भी मदद लेती थी।
प्रत्येक ग्राहक से 20 हजार से 25 हजार तक वसूलती
पुलिस के मुताबिक अक्सर वह ग्राहकों से होटल के कमरे में न मिलकर लॉबी या रिसेप्शन में मिलती। ग्राहक से बात करके यह पता लगाती कि वह कितना खर्च कर सकता है। उसके बाद सौदा तय करती। जैसे ही रकम मिलती वो कहती कि यह रकम कार में रखकर आ रही है। आप यहीं इतंजार करो। लेकिन फिर नहीं लौटती। उधर ग्राहक शर्म के कारण ठगी की शिकायत भी नहीं करता। ज्यादातर लोगों को सेवाएं देने के नाम पर उसने यूं ठगा था। वह प्रत्येक ग्राहक से 20 हजार से 25 हजार तक वसूलती थी।
केवल सार्वजनिक स्थानों पर मिलती
पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह हर ग्राहक से मिलने का वादा जरूर करती, लेकिन प्रयास यही रहता कि वह किसी सार्वजनिक स्थान पर ही मिले। चाहे वह भीड़भाड़ वाला बाजार हो या गली। यदा-कदा वह पार्क में भी ग्राहकों को बुलाकर फंसाती थी। उसने जवाहर सर्किल स्थित एक होटल में पांच-सात वारदात करना स्वीकार किया है। इतना सब होने के बावजूद युवती यह मानने को तैयार नहीं कि उसने कुछ गलत किया है। उसका कहना है कि गलत प्रवृत्ति के लोग ही उसको एप्रोच करते हैं। उन जैसे लोगों से ठगी करके वह कुछ भी गलत नहीं कर रही है।
Updated on:
01 May 2019 01:15 pm
Published on:
01 May 2019 01:10 pm
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