
Photo- Patrika
JLF 2026: एक तरफ बंदूकें-टैंक, दूसरी तरफ किताबें-कविताएं…रणबांकुरों की धरती और शूरवीरों के आंगन राजस्थान की राजधानी जयपुर के लिए 15 जनवरी का दिन वाकई अनोखा होने वाला है।
आर्मी डे परेड से गुलाबी नगर सेना के शौर्य, पराक्रम और आधुनिक सैन्य शक्ति का साक्षी बनेगा, तो दूसरी ओर इसी दिन से दुनियाभर में चर्चित जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (जेएलएफ) का आगाज होगा।
ऐसे में देशभक्ति और साहित्य दोनों का संगम जयपुराइट्स को अलग अनुभव प्रदान करेगा। तैयारियां जोरों पर हैं और दोनों ही आयोजनों में भारी भीड़ जुटने की संभावना रहेगी। दोनों आयोजनों की व्यवस्थाएं बनाना प्रशासन और पुलिस के लिए बड़ी चुनौती होंगी।
15 जनवरी को सेना दिवस समारोह जगतपुरा स्थित महल रोड पर होगा। थल व वायु सेना और आधुनिक युद्ध तकनीक की संयुक्त झलक देखने को मिलेगी। अनुशासन, साहस और तकनीकी दक्षता भी नजर आएंगी, जिसे देखने के लिए शहरवासी ही नहीं, बल्कि आसपास के कई जिलों से भी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। इस आयोजन को देखने के लिए हर आयु वर्ग के लोग अभी से ही तैयारियां कर रहे हैं।
15 जनवरी को एक होटल में पांच दिवसीय साहित्य का महाकुंभ यानी जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल शुरू होगा। देश-विदेश के नामचीन लेखक, कवि, विचारक और बुद्धिजीवी साहित्य, वर्तमान मुद्दे, विभिन्न किताबों समेत विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करेंगे। इस फेस्ट में हर आयु वर्ग के लोगों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिलता है। फेस्ट पांच दिन तक चलेगा।
15 जनवरी को शहर में दो बड़े आयोजन होने से प्रशासन के सामने ट्रैफिक व्यवस्था और सुरक्षा बड़ी चुनौती होगी। दोनों स्थानों पर भारी भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए शहर के कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक दबाव बढ़ सकता है।
देखें वीडियो
आर्मी डे परेड 15 जनवरी दोपहर को संपन्न हो जाएगी। वहीं, इस दिन जेएलएफ का उद्घाटन सत्र ही है। दोनों आयोजनों को देखते हुए सुरक्षा के साथ ट्रैफिक की विशेष व्यवस्था की गई है ताकि आमजन के साथ बाहर से आने वाले लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
Updated on:
14 Jan 2026, 6:40 PM IST
Published on:
14 Jan 2026, 6:40 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.