
जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गुरुवार को शपथ लेने वाली मंत्रिपरिषद के कुल 57 मंत्रियों में 20 नए चेहरे हैं। इनमें पांच कैबिनेट स्तर के, एक राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 14 राज्य स्तर के मंत्री हैं। इन नए चेहरों में दो महिलाएं हैं।
कैलाश चाैधरी चौंकाने वाला नाम
24 राज्यमंत्रियों में 14 नए चेहरे हैं। इनमें राजस्थान से कैलाश चाैधरी सहित फग्गन सिंह कुलस्ते, सोम प्रकाश, नित्यानंद राय, रतनलाल कटारिया, वी. मुरलीधरन, सुरेश चंदसप्पा अंगड़ी, अनुराग ठाकुर, किशन रेड्डी, रामेश्वर तेली, प्रतापचंद सारंगी, कैलाश चौधरी, संजय शामराव, रेणुका सिंह सरूता एवं देबोश्री चौधरी शामिल हैं।
बड़े-बड़े जानकारों का गणित फेल
पहली ही बार सांसद बने कैलाश के मोदी मंत्रिमंडल में शामिल होने से जितने लोग चौंके उतनी ज्यादा खुशियों और जश्न का माहौल है। कैलाश को टिकट मिलने के बाद कांग्रेस मान बैठी की प्रदेश में सबसे मजबूत सीट बाड़मेर की है। भाजपा भी बाड़मेर सीट को कमजोर मानने लगी।
इस बीच कैलाश दावा करते रहे कि वे 2 लाख वोटों से जीतेंगे, लेकिन उनके इस दावे पर भरोसा करने वाले कम थे। नतीजे सामने आए तो राजनीति के बड़े-बड़े जानकारों का गणित फेल हो गया। कैलाश ने 3 लाख 23 हजार 808 की बड़ी जीत दर्ज कर दी।
कैलाश चौधरी ने 1998 में बालोतरा से वार्डपंच का चुनाव लड़ा लेकिन वे हार गए। इसके बाद पाटोदी में जिला परिषद सदस्य का चुनाव जीता। 2008 में बायतु से विधायक का चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए।
इसके बाद बायतु से 2013 में विधानसभा लड़कर उन्होंने कांग्रेस के दिग्गज नेता कर्नल सोनाराम चौधरी को हराकर चुनाव जीता था और किसान मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष भी बने। 2018 के चुनावों में बायतु से विधायक कैलाश चौधरी चुनाव हार गए।
इसके बावजूद 2019 में भाजपा ने उन पर भरोसा करते हुए बाड़मेर जैसलमेर सीट से लोकसभा का टिकट दिया और कैलाश 3 लाख 23 हजार 808 मतों से जीते। यहां से चाैधरी ने कांग्रेस के मानवेंद्र सिंह काे करारी शिकस्त दी।
मंत्रिमंडल में जगह मिलने की उम्मीद नहीं थी
कैलाश को मंत्रिमंडल में जगह मिलने की उम्मीद नहीं थी, लेकिन गुरुवार को जब अमित शाह ने उन्हें फोन कर मंत्री बनने की जानकारी दी तब उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इसके बाद कैलाश समर्थक उन्हें एक दुकान पर ले गए वहां उन्होंने शपथ समारोह के लिए नई पोशाक खरीदी।
पिता शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हो सके
कैलाश चौधरी के साथ महज एक पास मिलने से उनके पिता तगाराम चौधरी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हो सके। इसका उन्हें मलाल अवश्य था, लेकिन टीवी पर कैलाश को जब शपथ लेते देखा तो उनकी आंखें खुशी से छलक गई। कैलाश को मिले एक मात्र पास पर उनकी बहन शपथ समारोह में शामिल हुई।
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Updated on:
31 May 2019, 9:21 AM IST
Published on:
31 May 2019, 9:19 AM IST
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