ठेकेदारों की मोनोपॉली से फिर रह गई शराब दुकानें

आबकारी बंदोबस्त 2020-21 (Excise Settlement 2020-21) की निकाली गई शराब दुकानों की लॉटरी (Liquor store lottery) के आवेदनों में इस बार भी ठेकेदारों की मोनोपॉली (Contractors monopoly) व हथकढ़ का दबदबा होने से हनुमानगढ़ व गंगानगर (Hanumangarh and Ganganagar) की शराब की 89 समूह नहीं उठ पाए। इन समूहों के लिए फिर से लॉटरी निकाली गई है।

By: vinod

Published: 17 Mar 2020, 12:24 AM IST

उदयपुर। आबकारी बंदोबस्त 2020-21 (Excise Settlement 2020-21) की निकाली गई शराब दुकानों की लॉटरी (Liquor store lottery) के आवेदनों में इस बार भी ठेकेदारों की मोनोपॉली (Contractors monopoly) व हथकढ़ का दबदबा होने से हनुमानगढ़ व गंगानगर (Hanumangarh and Ganganagar) की शराब की 89 समूह नहीं उठ पाए। इन समूहों के लिए फिर से लॉटरी निकाली गई है। इस पूरे खेल में विभागीय अधिकारी खुद मानते हैं कि ठेकेदार समूह बनाकर गारंटी को कम करने का दबाव बनाने के लिए हर बार यह तरीका अपनाते हैं।
आबकारी अधिकारियों का कहना है कि पूरे राजस्थान में निकाली गई लॉटरी में हर बार की तरह ही हनुमानगढ़ के 26 व गंगानगर के 61 समूह नहीं उठ पाए। उनके आवेदन फिर से मांगे गए है। यहां से सरकार लगातार ज्यादा से ज्यादा राजस्व खींचने के प्रयास में है। ठेकेदारों का कहना कि विभाग के नियमानुसार लक्ष्य के अनुरूप शराब का उठाव करना अनिवार्य है। भले ही बचे या कम कीमत पर बिके, सरकार को इससे कोई सरोकार नहीं है।

दुकानें आज हो जाएंगी सभी तय
शत प्रतिशत बंदोबस्त करने के लिए आबकारी विभाग ने पूरे राज्य में लॉटरी प्रक्रिया पूरी कर दी। फीस जमा करवाकर दुकान लेने की मंगलवार को अंतिम तिथि है। मंगलवार रात 12 बजे तक भी अगर कोई नकद राशि जमा करवाएगा तो विभाग उसे दुकान आवंटित कर देगा। उसके बाद ही समस्त दुकानों की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी कि कौन-सी दुकान व समूह सरेंडर हुए। विभाग की ओर से ऐसी स्थिति में उन दुकानों व समूह के लिए पहले दूसरे स्थान पर वेटिंग में रहने वाले ठेकेदार को आवंटित की जाएगी। उसके बावजूद दुकानें नहीं उठने पर उनकी फिर लॉटरी निकाली जाएगी।

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