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सुबह की सैरः सेहत से आगे निकले… साथियों संग संवाद, साझेदारी और बढ़ती यारी

गुलाबी नगर की सुबह अब ताजगी और तंदुरुस्ती बढ़ाने तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि अब ये दोस्ती, संवाद और सामूहिक ऊर्जा का प्रतीक बन गई हैं। शहर के अलग-अलग इलाकों में मॉर्निंग वॉकर ग्रुप्स की संख्या लगातार बढ़ रही है, जो न केवल स्वास्थ्य के लिए सैर करते हैं, बल्कि हर सुबह साथ बैठकर चाय-नाश्ते […]

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जयपुर

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Amit Pareek

Jul 07, 2025

गुलाबी नगर की सुबह अब ताजगी और तंदुरुस्ती बढ़ाने तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि अब ये दोस्ती, संवाद और सामूहिक ऊर्जा का प्रतीक बन गई हैं। शहर के अलग-अलग इलाकों में मॉर्निंग वॉकर ग्रुप्स की संख्या लगातार बढ़ रही है, जो न केवल स्वास्थ्य के लिए सैर करते हैं, बल्कि हर सुबह साथ बैठकर चाय-नाश्ते के साथ रिश्तों की मिठास भी बांटते हैं।

इन ग्रुप्स ने वॉक को स्वास्थ्य के साथ-साथ सामाजिक और आनंददायक अनुभव में बदल दिया है। सैर के बाद समाचारों पर चर्चा, हंसी-मजाक और गाने भी गुनगुनाते हैं। वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह दिन की सबसे ऊर्जावान शुरुआत होती है। वहीं, कामकाजी युवा भी अब इन ग्रुप्स का हिस्सा बनने लगे हैं। जयपुर के सेंट्रल पार्क, जवाहर सर्कल, रामनिवास बाग, नेहरू बाल उद्यान से लेकर विद्याधर नगर, मानसरोवर और वैशाली नगर के पार्कों में मॉर्निंग वॉकर ग्रुप की कमी नहीं हैं। कई मॉर्निंग वॉकर ग्रुप्स में महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ रही है।

एक मैसेज और जुट जाते सारे

-सुबह व्हाट्सऐप ग्रुप में एक व्यक्ति मैसेज डालता है। उसके बाद सभी लोग निर्धारित पार्क में पहुंचते हैं।-तेज चाल में वॉकिंग और जॉगिंग।-योग और प्राणायाम।-पार्क में ही बैठकर हंसी-ठिठोली और हल्की-फुल्की चर्चा।- ग्रुप के सदस्य किसी दुकान या सदस्य के घर चाय-नाश्ते के लिए जुटते हैं।

ग्रुप नहीं अब एक परिवार

इन ग्रुप्स में 30 से 75 वर्ष तक के लोग शामिल होते हैं। कुछेक ग्रुप में ऐसे लोग भी हैं जो कई वर्ष से सैर पर जा रहे हैं। ऐसे में कई लोग ऐसे भी हैं जो विदेश यात्राएं भी साथ-साथ कर चुके हैं। इतना ही नहीं, घर में कोई बड़ा आयोजन होने पर परिवार के सदस्य की तरह जिम्मेदारी निभाते हैं।

ये फायदा भी हो रहा

-नियमित रूप लोग सैर करने जा रहे हैं तो फिट हो रहे हैं।-अकेलेपन, तनाव और डिजिटल दुनिया से भी दूर हो रहे हैं।-कई वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह ग्रुप एक परिवार जैसा बन गया है।

ग्रुप के सदस्य बोले

सुबह सैर करने के साथ-साथ देश दुनिया के बारे में काफी जानकारी मिल जाती है। हंसी-मजाक में कई बार पार्क में सुबह के नौ बज जाते हैं। परिवार के सदस्य की तरह सभी ग्रुप मैम्बर बन गए।

-सुभाष चतुर्वेदी, मानसरोवर

खातीपुरा नर्सरी में मॉर्निंग वॉक के लिए पिछले 15 वर्ष से जा रहा हूं। कुछ वर्ष पहले मॉर्निंग वॉक ग्रुप बना लिया। धीरे-धीरे सदस्य जुड़ गए और अब 35 से अधिक सदस्य हैं।

-किशनलाल गुप्ता, वैशाली नगर

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