जयपुर। जीका प्रभावित क्षेत्र में निगम ने फोगिंग में उपयोग किए जाने वाले केमिकल में बदलाव किया है। पहले निगम पायरोथेम का उपयोग करता था लेकिन अब साइनोथ्रिल का उपयोग शुरू कर दिया है। जयपुर नगर निगम स्वास्थ्य शाखा के उपायुक्त विनोद पुरोहित ने बताया कि दोनों केमिकल एक जैसे ही हैं लेकिन लगातार एक ही केमिकल के उपयोग से कई बार मच्छर उसके आदी हो जाते हैं। आपको बता दें अस्पतालों में जीका, स्वाइन फलू, डेंगू सहित मौसमी बीमारियों के मरीजों की भरमार है। शहर में मच्छरों की रोकथाम को लेकर शहरभर में फोगिंग कराई जा रही है। जीका से अब तक 120 से अधिक मरीज चपेट में आ चुके हैं। वहीं स्वाइन फलू से 198 मरीजों की मौत हो चुकी है।