घर, ऑफिस, औद्योगिक इकाई में सोलर पैनल लगाकर बिजली उत्पादन और खपत करने वाले विद्युत उपभोक्ताओं के अब सालाना 33 करोड़ रुपए बचेंगे। सरकार ने ऐसे उपभोक्ताओं के बिजली बिल में इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी 60 पैसे से घटाकर 40 पैसे प्रति यूनिट कर दी है।
घर, ऑफिस, औद्योगिक इकाई में सोलर पैनल लगाकर बिजली उत्पादन और खपत करने वाले विद्युत उपभोक्ताओं के अब सालाना 33 करोड़ रुपए बचेंगे। सरकार ने ऐसे उपभोक्ताओं के बिजली बिल में इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी 60 पैसे से घटाकर 40 पैसे प्रति यूनिट कर दी है।
नोटिफिकेशन जारी होते ही यह लागू हो जाएगा। अभी राज्य में करीब 11 मेगावाट क्षमता के रूफटॉप और कैप्टिव प्लांट (ऐसी इण्डस्ट्री जो सोलर प्लांट लगाकर खुद ही उस बिजली का उपयोग करती है) लगे हुए हैं। अभी तक सरकार रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देने की बजाय उस पर ज्यादा इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी लगाकर हतोत्साहित करने पर तूली थी। इसका लगातार विरोध भी हो रहा था। इसके बाद ही ड्यूटी घटाने की घोषणा की गई है।
165 करोड़ यूनिट बिजली बना रहे, अब ऐसे बचत...
सोलर पॉलिसी में तो पूरी छूट दी थी, लेकिन फिर मुकरी सरकारी..
1. वित्त विभाग- 10 जुलाई 2019 को नोटिफिकेशन जारी किया। इसमें सोलर प्लांट से उत्पादित बिजली का खुद ही उपयोग करने वाले उपभोक्ता को 31 मार्च 2020 तक इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी से छूट दी गई।
2. सोलर पॉलिसी- दिसम्बर 2019 में लागू हुई नई सोलर पॉलिसी में अंकित किया गया कि ऐसे सोलर प्लांट संचालन से 7 साल तक इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी से छूट रहेगी।
3. फिर मुकर गए- सरकार अपनी ही पॉलिसी से मुकर गई। उलटे, 60 पैसे यूनिट ड्यूटी लगा दी, जबकि सामान्य उपभोक्ता (जो थर्मल पावर का उपयोग कर रहे हैं) से ही चालीस पैसे यूनिट लेते रहे हैं।
कोर्ट में मामला पहुंचा तो बैकफुट पर आए..
इस मामले में कई उपभोक्ता हाईकोर्ट भी पहुंचे थे। कोर्ट ने राजस्थान के तीनों जयपुर, अजमेर, जोधपुर डिस्कॉम से पॉलिसी में बदलाव करने का कारण पूछा, लेकिन कोई जवाब पेश नहीं किया गया। हालांकि, जिन्होंने केस दायर किया, उनसे फिलहाल इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी नहीं लेने के आदेश दिए। सरकार को कोर्ट से राहत नहीं मिलने की आशंका नजर आई तो खुद ने ही बदलाव कर दिया।
फैक्ट फाइल