Padmavati Row: राजस्थान के मान का सवाल बनी पद्मिनी, अपना ‘खून’ बहाने को भी तैयार लोग

kamlesh sharma | Updated: 18 Nov 2017, 02:52:12 PM (IST) Jaipur, Rajasthan, India

फिल्म पद्मावती को बैन करने की मांग अब राजस्थान की अस्मिता का सवाल बन रही है।

जयपुर। फिल्म पद्मावती को बैन करने की मांग अब प्रदेश की अस्मिता का सवाल बन रही है। लोग फिल्म बैन करने के लिए खून भी बहाने की तैयार नजर आ रहे हैं। राजधानी में गुरुवार को खून से हस्ताक्षरित पत्र सेंसर बोर्ड को भेजा गया।

वहीं राजपूत संगठनों ने फिल्म के निर्देशक संजय लीला भंसाली पर रिलीज करने के लिए झूठ का सहारा लेने का आरोप लगाया। संगठनों ने कहा कि स्क्रीनिंग कब और किसके सामने होगी, अब तक कुछ पता नहीं है। समाज-संगठनों से जुड़े लोगों का कहना है कि रानी पद्मिनी केवल राजपूत समाज की नहीं बल्कि प्रदेश की अस्मिता है। उन्होंने अपने सतीत्व की आन-बान-शान के लिए 16 हजार क्षत्राणियों के साथ जौहर किया। फिल्म में उनकी गौरवमयी छवि को धूमिल किया जा रहा है।

रिलीज तो दूर, प्रमोशन ही गलत
राजपूत करणी सेना के संस्थापक लोकेंद्र सिंह कालवी ने कहा कि फिल्म निर्माता संजय लीला भंसाली स्क्रीनिंग की केवल बात कह रहे हैं। लेकिन, स्क्रीनिंग कहां हो रही है, किसको दिखाई जा रही है, कुछ नहीं पता। फिल्म 19 को सेंसर बोर्ड में जाएगी। सात दिन तक बोर्ड में रहेगी। जबकि बिना सेंसर बोर्ड से फिल्म पास हुए, फिल्म का प्रमोशन किया ही नहीं जा सकता। यहां फिल्म रिलीज की तारीख तक तय कर दी गई है। राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के प्रदेश प्रवक्ता करण राठौड़ ने बताया कि राजपरिवार की महिलाएं घूमर करती ही नहीं थी। जबकि फिल्म के प्रोमो में रानी पद्मावती को महाराजा के सामने घूमर करते हुए दिखाया गया।

तोड़ा कानून, डालो जेल में: राजवी
संजय लीला भंसाली की पद्मावती फिल्म के विरोध में चित्तौड़ के पाडनपोल पर सर्व समाज की ओर से चल रहे धरने में विधायक व पूर्वमंत्री नरपतसिंह राजवी पहुंचे। उन्होंने कहा कि सेंसर बोर्ड की अनुमति के बिना फिल्म का प्रमोशन भी नहीं हो सकता है फिर भी पद्मावती फिल्म के ट्रेलर दिखाए जा रहे है। पहले भंसाली ने कानून तोड़ा है, उन्हें जेल में डालना चाहिए।

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अजमेर ...मुस्लिम दें राजपूतों का साथ...
अजमेर. सूफी संत ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के दीवान सैयद जैनुल आबेदीन ने पद्मावती फिल्म का विरोध जायज बताते हुए मुस्लिमों को राजपूतों का समर्थन करने को कहा है। फिल्म में कथित चित्रण से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचना स्वाभाविक है। जिस तरह सलमान रुश्दी ने मुसलमानों को आहत किया था, उसी तरह भंसाली भी समुदाय की भावनाओं को भड़का रह हैं। किसी समुदाय की भावना आहत हो रही है तो उन दृश्यों की समीक्षा की जानी चाहिए।

उदयपुर ...रैली निकाल दिया ज्ञापन
उदयपुर. जिले के कानोड़ कस्बे में करणी सेना सहित सर्व समाज के लोगों ने वाहन निकाली। निर्देशक भंसाली के खिलाफ नारे लगाने के बाद पुतला जलाया गया। बाद में नायब तहसीलदार को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन दिया गया।

चित्तौड़...आज दुर्ग बंद, सलमान का पुतला लटकाया
फिल्म के विरोध में सर्वसमाज की ओर से शुक्रवार को सुबह 8 से शाम 6 बजे तक चित्तौड़ दुर्ग बंद का आह्वान किया है। स्वाधीनता के बाद ये पहला मौका माना जा रहा है जब चित्तौड़ दुर्ग में प्रवेश बंद करने का आह्वान किया गया है। सर्वसमाज के धरनास्थल के नजदीक दुर्ग के प्रथम प्रवेश द्वार पाडनपोल पर अभिनेता सलमान खान का पुतला भी लटका दिया गया।

भीलवाड़ा...परिवाद पर पुलिस की जांच
फिल्म निर्माता भंसाली के खिलाफ पेश परिवाद की जांच भीमगंज थाना पुलिस के जिम्मे है। परिवाद में निर्माता निर्देशक संजय भंसाली समेत अन्य कलाकारों को आरोपी बताते हुए गिरफ्तारी की मांग की है। कोटड़ी के विधायक धीरज गुजर ने प्रसारण से पूर्व फि ल्म की पुनर्समीक्षा की मांग की है।

राजधानी में खून से लिखा पत्र सेंसर बोर्ड को भेजा
सर्व ब्राह्यण महासभा की ओर से राजमंदिर सिनेमा हॉल के सामने विरोध में लोगों ने खून से हस्ताक्षर किए। महासभा के प्रदेशाध्यक्ष ने बताया कि महारानी पद्मावती प्रदेश की ही नहीं बल्कि देश की आन-बान-शान रही है बलिदान की सच्ची गाथा हैं। भंसाली अपने मुनाफे के लिए फिल्म में तथ्यों से छेडछाड कर रहे हैं। अभियान में हजारों लोगों ने खून से हस्ताक्षर किए। यह पत्र सेंसर बोर्ड को भेजा जाएगा।

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ब्राह्मण समाज की ये है आपत्ति...
अलाउद्दीन खिलजी को नायक की भूमिका के रूप में दिखाना, जबकि वह आततायी था।
खिलजी से बचने के लिए रानी पद्मिनी ने जौहर की पवित्र अग्नि के हवाले किया था। फिल्म में खिलजी और रानी के बीच प्रेम का स्वप्न दृश्य दिखाया है।
फिल्म में पद्मावती ने तंग कपड़े पहने हैं। जबकि राजपूत समाज में ऐसे कपड़े नहीं पहने जाते।

 

कोटा में राजपूत समाज सहित विभिन्न संगठनों ने दोपहर 12 बजे सर्किट हाउस से आईजी कार्यालय तक रैली निकाली। साथ ही सिनेमाघर में तोडफ़ोड़ के मामले में गिरफ्तार राजपूत समाज के युवाओं के खिलाफ दर्ज मामले हटाने की मांग की। प्रदर्शन को राजपूत करणी सेना के प्रदेशाध्यक्ष महीपत सिंह मकराना ने संबोधित किया। मकराना ने फिल्म अभिनेत्री का नाम लेते हुए कहा कि कहा कि भगवान राम ने जिस प्रकार से शूर्पणखा की नाक काटी थी, अगर फिल्म को रिलीज कराने का दबाव बनाया तो राजपूत समाज भी एेसा कदम उठा सकता है। प्रदर्शन में विभिन्न समाज शामिल हुए और विरोध दर्शाया।

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