भंसाली ने की वादाखिलाफी: ‘अब ‘पद्मावती’ रिलीज की तो बहुत जलेगा, रोक सको तो रोक लो’

kamlesh sharma

Publish: Nov, 15 2017 06:08:06 (IST) | Updated: Nov, 18 2017 03:05:03 (IST)

Jaipur, Rajasthan, India

फिल्मकार संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती के विरोध के स्वर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तक पहुंच गया हैं।

जयपुर। फिल्मकार संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती के विरोध के स्वर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तक पहुंच गया हैं। राजपूत करणी सेना संस्थापक लोकेन्द्र सिंह ने कहा कि गत 30 जनवरी को फिल्म निर्माता संजय लीला भंसाली ने लिखित आश्वासन दिया था कि फिल्म रिलीज करने से पहले राजपूत करणी सेना को विश्वास में लिया जाएगा लेकिन उन्होंने बिना चर्चा किए फिल्म का ट्रेलर जारी कर दिया। अभी तो यह फिल्म 19 नवम्बर को सेंसर बोर्ड के पास जाएगी। वहीं, फिल्म पद्मावती के विरोध में बुधवार को राज्य में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हुआ। राज्य महिला आयोग ने भी संज्ञान लिया है। चित्तौडग़ढ़ में सर्व समाज की ओर से सातवें दिन भी धरना जारी रहा। जोधपुर में मारवाड़ राजपूत सभा की ओर से विरोध प्रदर्शन किया गया। मेवाड़ क्षत्रिय महासभा के संरक्षक मनोहर सिंह कृष्णावत ने कहा कि 300 साल पहले रानी पद्मावती ने जौहर की जिस आग में कूद कर देश के मान सम्मान की रक्षा की थी उसकी चिंगारी आज तक सुलग रही है।


'यह जोहर की ज्वाला है, बहुत कुछ जलेगा'
फिल्मकार संजय लीला भंसाली की पद्मावती फिल्म के विरोध के स्वर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तक पहुंच गए हैं। राजपूत करणी सेना के नेता लोकेन्द्र सिंह कालवी ने पीएम मोदी से फिल्म पर रोक लगाने की मांग करते हुए एक दिसम्बर को फिल्म रिलीज के दिन भारत बंद आह्वान किया है। कालवी ने कहा कि जोहर की ज्वाला है। बहुत कुछ जलेगा। रोक सको तो रोक लो। एक बकवास पिछले सात-आठ दिन से चल रही है। एक दिसम्बर को पदमावती फिल्म की जो रिलीज की बात की जा रहा है यह फिल्म एक दिसम्बर को नहीं लगेगी। फिल्म को रोकने को लेकर देशभर में जाकर लोगों से सम्पर्क किया जा रहा है। इसके लिए हम सभी राज्यों में जाकर सभी समाज के लोगों को सहयोग करने की अपील कर रहे हैं।

मां पद्मिनी नहीं देश का अपमान: अभिभाषक संस्थान अध्यक्ष
चित्तौडग़ढ़ में सर्व समाज की ओर से पाडनपोल में सातवें दिन भी धरना जारी रहा। धरने पर आएनटी मेडिकल कॉलेज उदयपुर और अभिभाषक संस्थान चित्तौडग़ढ़ से जुड़े अधिवक्ता ने समर्थन देने के लिए आए। अध्यक्ष एडवोकेट ओम शर्मा ने कहा कि जोहर करने वाली मां पद्मिनी का नहीं देश का अपमान हुआ है। साथ ही बड़ी संख्या में महिलाएं भी धरने पर उपस्थित रही।

धरने पर बैठे लोग किले पर आने जाने वाले पर्यटकों के वाहनों पर पद्मावती फिल्म के विरोध का स्टीकर लगा रहे हैं। साथ ही उन्हें समझा रहे हैं कि फिल्म में इतिहास को तोड़ मरोड़ कर पेश किया है। सर्व समाज के प्रतिनिधि महेन्द्रसिंह मेड़तिया ने कहा कि जो भी पद्मावती फिल्म का समर्थन में बयान देगा, उनके इसी तरह से पुतले लगते जाएंगे। सर्व समाज के लोगों ने 17 को दुर्ग बंद की आह्वान को लेकर रणनीति बना रहे है।


'आखिर सभी नेताओं को ऐसा कौनसा सांप सूंघ गया है'
आखिर सभी नेताओं को ऐसा कौनसा सांप सूंघ गया है। अगर हमारे गृहमंत्री का शरीर मेवाड़ की मिट्टी का बना है, अगर उनमें जरा भी जागृति शेष है तो वे इस पर उचित कार्यवाही करें। फिल्म पद्मावती पर अपनी बात रखते हुए मेवाड़ क्षत्रिय महासभा के संरक्षक मनोहर सिंह कृष्णावत ने कहा कि 300 साल पहले रानी पद्मावती ने जौहर की जिस आग में कूद कर देश के मान सम्मान की रक्षा की थी उसकी चिंगारी आज तक सुलग रही है।

महिला आयोग ने लिया संज्ञान, सेंसर बोर्ड को लिखा पत्र
फिल्म के विवाद पर राज्य महिला आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग ने इस बारे में सेंसर बोर्ड को पत्र लिख कर कहा है कि फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान समाज के लोगों को भी साथ लिया जाए और उनकी आपत्ति सुनी जाएं। उन्होंने कहा कि पद्मावती राजस्थान में ही नहीं बल्कि देश भर की महिलाओं के लिए आदर्श हैं।


पद्मावती के विरोध में प्रदर्शन
जोधपुर में मारवाड़ राजपूत सभा की ओर से विरोध प्रदर्शन किया गया। मारवाड़ राजपूत सभा की ओर से सबसे पहले पावटा बी रोड पर एक सभा का आयोजन किया। उसके बाद रैली के रूप में सैंकड़ों व्यक्ति कलेक्ट्रेट पहुंचे और फिल्म के प्रदर्शन को लेकर विरोध जताया। समाज के लोग पद्मिनी के किरदार को तोड़ मरोड़ कर पेश करने का विरोध कर रहे हैं।

मानव श्रंखला बना किया प्रदर्शन
मांडल में विभिन्न संगठनों की ओर से जुलूस निकाला गया। वहीं बस स्टैंड चौराहे पर संजय लीला भंसाली का पुतला फूंककर प्रदर्शन किया गया। इसके बाद उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। फिल्म पदमावती के प्रदर्शन की रोक पर विभिन्न हिन्दू संगठनों की ओर से सुबह दशहरा मैदान से मुख्य मार्गो से जुलूस निकाला गया।


झालावाड़ में जय राजपूताना संघ की ओर से जिला मुख्यालय पर रैली निकाली गई और मिनी सचिवालय में धरना प्रदर्शन हुए। इसमें युवकों ने जमकर नारेबाजी की की जिला कलक्टर को फिल्म पर रोक लगाने की मांग का ज्ञापन दिया। अब हिंदू जागरण मंच की ओर से 19 नवम्बर को आंदोलन तेज करने का निर्णय किया गया है।

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