
Mayor Munesh Gurjar ने पकड़ी मिट्टी के कट्टों में धांधली, बोलीं दोषी होंगे सस्पेंड
Jaipur Heritage Mayor Munesh Gurjar और एडिशनल कमिश्नर राजेन्द्र कुमार वर्मा के बीच चल रहा विवाद अब और बढ़ गया है। मेयर और पार्षदों ने धरना तो खत्म कर दिया है लेकिन अब इन लोगों के खिलाफ वर्मा ने केस दर्ज करा दिया है। एससी एसटी एक्ट, रजाकाज में बाधा समेत अन्य कई धाराओं में दर्ज केस की जांच आरपीएस अफसर के अफसर कर रहे हैं। वर्मा ने इस बारे में कई आरोप लगाए हैं मेयर और पार्षदों पर। अब इसकी जांच पड़ताल कानूनी तरह से शुरू कर दी गई है।
मेयर, डिप्टी मेयर समेत कई पार्षद बैठ गए थे धरने पर
एडिशनल कमिश्नर राजेन्द्र वर्मा के खिलाफ हैरिटेज मेयर मुनेश गुर्जर, डिप्टी मेयर असलम फारूकी समेत करीब दो दर्जन पार्षद हैरिटेज मुख्यालय में ही धरने पर बैठ गए थे। उसके बाद सीएम तक को अपना इस्तीफा पत्र सौंप दिया था। उसके बाद इस विवाद में मिनिस्टर्स की एंट्री हुई। मिनिस्टर महेश जोशी, प्रताप सिंह खाचरियावास ने विवाद को काबू करने की कोशिश की लेकिन विवाद काबू होने की जगह और ज्यादा भड़क गया। बाद में मामला राजस्थान कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा तक जा पहुंचा और उसके बाद मेयर और पार्षदों को संबधित अफसरों के खिलाफ कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया गया और तब जाकर धरना खत्म हो सका। लेकिन अब विवाद खत्म होने के बाद एडिशनल कमिश्नर राजेन्द्र वर्मा ने मेयर, डिप्टी मेयर और कई पार्षदों के खिलाफ केस दर्ज करा दिया है।
यह था दोनो पक्षों में विवाद
विवाद की जड़ कुछ फाइलें थीं जो पार्षदों की बीट से संबधित थी। पार्षद और मेयर चाहते थे कि एडिशनल कमिश्नर राजेन्द्र वर्मा बीट इन फाइलों को जल्द से जल्द आगे बढ़ाएं ताकि पार्षदों को बीट मिल सके। जबकि वर्मा का कहना था कि काम नियमानुसार हो सकेगा। इस कारण दोनो पक्षों में मोखिक रूप से भी विवाद हुआ और साथ ही हाथापाई तक की नौबत आई। जब मेयर धरने पर बैठीं तो इस दौरान एक ऑडियो और एक वीडियो भी वायरल हुआ जिसमें मेयर और एडिशनल कमिश्नर के बीच जुबानी जंग हो रही थी। अब केस दर्ज होने के बाद मेयर और पार्षदों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
Published on:
29 Jun 2023 11:44 am
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