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एसीबी के कार्यवाहक डीजी के मौखिक आदेश पर बवाल, राठौड़ ने कही यह बात

उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने एसीबी के कार्यवाहक डीजी हेमंत प्रियदर्शी के नए मौखिक बयान को लेकर जुबानी हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कहा कि 4 जनवरी 2023 को कार्यवाहक डीजी ने भ्रष्ट अधिकारियों-कर्मचारियों को ट्रैप करने के बाद नाम और फोटो जारी नहीं करने के विवादित आदेश दिए थे।

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जयपुर

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Umesh Sharma

Jan 18, 2023

एसीबी के कार्यवाहक डीजी के मौखिक आदेश पर बवाल, राठौड़ ने कही यह बात

एसीबी के कार्यवाहक डीजी के मौखिक आदेश पर बवाल, राठौड़ ने कही यह बात

जयपुर। उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने एसीबी के कार्यवाहक डीजी हेमंत प्रियदर्शी के नए मौखिक बयान को लेकर जुबानी हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कहा कि 4 जनवरी 2023 को कार्यवाहक डीजी ने भ्रष्ट अधिकारियों-कर्मचारियों को ट्रैप करने के बाद नाम और फोटो जारी नहीं करने के विवादित आदेश दिए थे। अब एसीबी में FIR दर्ज होने के बाद भ्रष्टाचारी से जब्त संपत्ति का खुलासा चार्जशीट पेश होने तक सार्वजनिक नहीं करने का एक बार फिर तुगलकी फरमान निकाला जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।

राठौड़ ने कहा कि आमजन से लेकर लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ ने एसीबी के तत्कालीन आदेश की कड़ी भर्त्सना की थी, जिसके बाद मुख्यमंत्री के सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के आदेश का हवाला देने के बाद इसे काफी किरकिरी के बाद वापस लिया गया था। एसीबी के कार्यवाहक डीजी का यह मौखिक आदेश सिद्ध कर रहा है कि गहलोत सरकार भ्रष्टाचरियों की ढाल के रूप में उन्हें बचाने और उनके काले कारनामों को छिपाने के लिए कटिबद्ध है।


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राठौड़ ने कहा कि दुर्भाग्य है कि राजस्थान में दीमक की तरह फैल रहा भ्रष्टाचार समूचे सरकारी तंत्र को खोखला कर रहा है। जनघोषणा पत्र के पृष्ठ संख्या 36 के बिन्दु संख्या 28 में 'Zero Discretion, Zero Corruption & Zero Tolerance' के सिद्धांत पर काम करने का खोखला दावा करने वाले अब आये दिन भ्रष्टचारियों को बचाने के लिए नए-नए पैंतरे आजमा रहे हैं जो दुर्भाग्यपूर्ण है। इंडिया करेप्शन सर्वे, ट्रेस रिश्वत जोखिम मैट्रिक्स सर्वे और ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल के सर्वे में राजस्थान को देश का सर्वाधिक भ्रष्ट प्रदेश इसीलिए बताया गया है कि राज्य की कांग्रेस सरकार भ्रष्टचारियों के संरक्षणदाता की भूमिका में कार्य रही है।

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