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जनता का साथ मिला तो टूट सकता है सर्वाधिक महिला विधायक बनने का रेकॉर्ड

locationजयपुरPublished: Dec 01, 2023 09:52:36 am

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rajesh dixit

  • राजस्थान विधानसभा चुनाव: क्या आधी आबादी रचेगी इतिहास,
  • इस चुनाव में भाजपा ने 20 तो कांग्रेस ने 27 महिलाओं को दिया टिकट
  • अब तक सबसे ज्यादा 28 महिलाएं बनीं विधायक

जनता का साथ मिला तो टूट सकता है सर्वाधिक महिला विधायक बनने का रेकॉर्ड
जनता का साथ मिला तो टूट सकता है सर्वाधिक महिला विधायक बनने का रेकॉर्ड
राजेश दीक्षित

जयपुर। राजस्थान में 2023 के विधानसभा चुनाव में आधी आबादी को जनता का साथ मिलता है तो एक बार फिर वें जीतकर इतिहास रच सकती हैं। राजस्थान विधानसभा के चुनाव 25 नवम्बर को हो गए। अब तीन दिसम्बर को मतगणना है। राजस्थान में महिला विधायकों की अब तक सर्वाधिक संख्या 28 तक पहुंची है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बार राजस्थान में सर्वाधिक महिला विधायक बनने का रेकॉर्ड टूटेगा।
पिछले चुनाव में घट गई थी संख्या

वर्ष 2008 व 2013 में लगातार राजस्थान में 28-28 महिला विधायक चुनी गई थी। हालांकि पिछले चुनाव में यह संख्या घट गई। वर्ष 2018 के चुनाव में यह संख्या 27 रह गई थी। इसमें कांग्रेस की 15, भाजपा की 10, रालोपा व निर्दलीय से एक-एक महिला विधायक चुनी गई थीं।
अगले चुनाव में 66 तक पहुंचने की उम्मीद

उम्मीद जताई जा रही है कि अगले विधानसभा चुनाव तक महिला आरक्षण बिल पारित हो जाएगा। ऐसे में राजस्थान में महिला विधायकों की संख्या 66 तक पहुंच जाएगी। फिलहाल राजस्थान में महिला विधायकों की सर्वाधिक संख्या 28 तक पहुंची है। राजस्थान में राज्यसभा की बात करें तो यहां दस सीटें हैं, लेकिन एक भी महिला राज्यसभा सांसद नहीं है। वहीं लोकसभा की कुल 25 सीटों में से यहां पर तीन महिला सांसद दिया कुमारी राजसमंद से, जसकौर मीणा दौसा से व रंजीता कोली भरतपुर से हैं।
मुख्यमंत्री व विधानसभा अध्यक्ष भी बनीं महिलाएं

राजस्थान में वसुंधरा राजे पहली बार साल 2003 में महिला मुख्यमंत्री बनी थीं। इसके अलावा राजस्थान में पहली बार महिला विधानसभा अध्यक्ष सुमित्रा सिंह बनी हैं। राजस्थान में महिला राज्यपाल भी रह चुकी हैं। पूर्व उप मुख्यमंत्री कमला गुजरात की राज्यपाल रह चुकी हैं।
राजस्थान में कब कितनी महिलाएं बनी विधायक

वर्ष ---- -महिला विधायक

वर्ष 1980- 10

वर्ष 1985-17

वर्ष 1990-11

वर्ष 1993-10

वर्ष 1998-14

वर्ष 2003-12

वर्ष 2008-28
वर्ष 2013-28

वर्ष 2018-27

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यह भी जानें

  • वर्ष 1952 में हुए पहले चुनाव में केवल दो महिलाएं ही विधायक बनी थीं। इसमें यशोदा देवी और कमला बेनीवाल विधायक चुनी गई थीं।
  • इस चुनाव में सात सीटें ऐसी हैं, जहां महिलाओं को महिलाएं ही टक्कर दे रही हैं।
  • वर्तमान में राजस्थान में 199 सीटों पर चुनाव हो रहे हैं।
  • इस चुनाव में भाजपा ने 20 महिलाओं को तो कांग्रेस ने 27 महिलाओं को टिकट दिया है।
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इन सीटों पर महिला के सामने प्रमुख महिला प्रत्याशी

1-कामां :भाजपा से नौक्षम चौधरी तो कांग्रेस से जाहिदा खान मैदान में हैं। जाहिदा वर्तमान में मंत्री पद पर भी हैं।

2-जायल: नागौर जिले की यह सीट एससी सीट है। कांग्रेस ने मंजू देवी मेघवाल को उतारा है तो भाजपा से मंजू बाधवार चुनाव लड़ रही है।
3-सादुलपुर: चूरू जिले की इस सीट से वर्तमान विधायक कृष्ण पूनिया कांग्रेस से मैदान में है तो भाजपा ने यहां से सुमित्रा पूनिया को उतारा है।

4-हिंडौन: करौली जिले की इस सीट से भाजपा से राजकुमारी जाटव तो कांग्रेस से अनिता जाटव एक-दूसरे को टक्कर दे रही हैं।
5-अनूपगढ़: यह सीट अनुसूचित जाति के लिए रिजर्व है। यहां से भाजपा की संतोष बावरी तो कांग्रेस से शिमला नायक आमने-सामने हैं।

6-अजमेर दक्षिण: इस एससी रिजर्व सीट से वर्तमान विधायक अनिता मैदान दोबारा चुनाव मैदान में हैं तो कांग्रेस ने यहां से द्रोपदी कोली को चुनाव लड़ाया है। यह सीट पिछले चार चुनाव से भाजपा के ही खाते में जा रही है।
7-भोपालगढ़: जोधपुर जिले की इस सीट पर वर्तमान में रालोपा के पुखराज गर्ग विधायक हैं। वे इस बार भी मैदान में हैं। लेकिन भाजपा व कांग्रेस प्रत्याशी दोनों ही महिलाएं हैं। यहां भी भाजपा से कमसा मेघवाल तो कांग्रेस से गीता बरवड़ चुनाव लड़ रही हैं।

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