
Rajasthan SI Paper Leak : जयपुर। उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में गिरोह के पकड़े जाने के बाद भी राजस्थान पुलिस अकादमी (आरपीए) में प्रशिक्षण लेने वाले प्रशिक्षु थानेदार डटे रहे। हालांकि बाद में एसओजी ने 14 प्रशिक्षु थानेदारों को गिरफ्तार किया। इनमें डमी अभ्यर्थी वर्षा बिश्नोई को बैठाकर चयनित होने वाली भगवती भी शामिल थी। भगवती की चचेरी बहन इंदुबाला की जगह भी वर्षा ही परीक्षा में बैठी थी। भगवती की गिरफ्तारी के बाद भी आरपीए में प्रशिक्षण ले रही इंदुबाला के चेहरे पर शिकन तक नहीं थी। वह ऐसा व्यवहार कर रही थी, जैसे खुद की मेहनत से उसका चयन हुआ हो।
एसओजी ने आरपीए से इंदुबाला के दस्तावेज मांगे, तब उसे पोल खुलने की भनक लग गई। वह तीन दिन की छुट्टी लेकर सांचौर के लिए निकल गई। आरपीए प्रशासन से इसकी सूचना मिलते ही एसओजी ने ब्यावर के आगे बर में चलती बस को रोककर आरोपी इंदुबाला को पकड़ा और जयपुर एसओजी मुख्यालय में लाकर मंगलवार शाम को गिरफ्तार किया।
एसओजी के एडीजी वी.के. सिंह ने बताया कि सांचौर के करडा स्थित हनुवंत नगर निवासी प्रशिक्षु थानेदार इंदुबाला बिश्नोई व उसके उप निरीक्षक भाई जगदीश सिहाग को बुधवार को कोर्ट में पेश किया। दोनों ने हंसते हुए फोटो खिंचवाई। कोर्ट ने उन्हें 6 दिन एसओजी की रिमांड पर सौंपा है। एसओजी की हेल्पलाइन नंबर पर कुछ लोगों ने सूचना दी कि जालोर-सांचौर में इंदुबाला भी चर्चा में रही है और उसने अपने स्तर पर भी डमी अभ्यर्थी बैठाए थे।
उप निरीक्षक जगदीश सिहाग वर्ष 2014 में पुलिस विभाग में नौकरी पर आया था। एसओजी सूत्रों के मुताबिक जगदीश ने भर्ती परीक्षा कैसे पास की, यह भी बड़ा सवाल है। तब भी डमी अभ्यर्थी और पेपर लीक होने की खूब चर्चा हुई थी, लेकिन मामले को दबा दिया था।
एसफएसएल के वैज्ञानिक एसओजी मुख्यालय में बुधवार को फिर पहुंचे। टीम गिरफ्तार आरोपियों के हस्ताक्षर नमूने, फोटो व वीडियो लिए। करीब पांच घंटे तक वैज्ञानिक सबूत जुटाने में लगे रहे।
सांचौर के सरनाउ निवासी फर्स्ट ग्रेड शिक्षिका वर्षा बिश्नोई की तलाश में दो दिनों से एसओजी की अलग-अलग टीम जुटी हैं, लेकिन टेलेंटेड बिटिया छिपने में भी माहिर है। एसओजी उसके दो ठिकानों पर पहुंची, लेकिन वह वहां से पहले ही निकल गई।
पूछताछ में भगवती व इंदुबाला ने बताया कि भाई जगदीश सिहाग ने 15-15 लाख रुपए में वर्षा से डमी अभ्यर्थी बनने का सौदा तय किया था, लेकिन परीक्षा में चयन होने के बाद वर्षा ने केवल 5-5 लाख रुपए और मांग रही थी, बल्कि झगड़ा भी कर रही थी।
एसओजी ने शिक्षक राजेन्द्र कुमार यादव, पटवारी हर्षवर्धन मीणा, लाइब्रेरियन शिवरतन मोट व राजेन्द्र यादव उर्फ राजू यादव की रिमांड अवधि पूरी होने पर बुधवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें वापस 6 दिन एसओजी की रिमांड पर सौंपा है। आरोपियों को कनिष्ठ अभियंता पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया था। उसी दौरान पूछताछ में उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षा के पेपर लीक करने का खुलासा हुआ था। आरोपियों से अब उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा पेपर लीक व डमी अभ्यर्थी बैठाने के मामले में पूछताछ की जा रही है।
Published on:
14 Mar 2024 07:55 am
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