
जयपुर। रक्षाबंधन के साथ ही बंधन ( Raksha Bandhan 2019 ) (गुलामी) से मुक्ति का पर्व (स्वतंत्रता दिवस) ( Independence Day 2019 ) गुरुवार को मनाया जाएगा। करीब 19 वर्ष बाद बने संयोग के चलते दोनों पर्व इस बार एक साथ मनाए जाएंगे। इस दिन सुबह से ही सिद्धि योग बन रहा है। इसके चलते पर्व की महत्ता और बढ़ गई है। सिद्धि योग सुबह 6 बजकर दो मिनट से शाम 5 बजकर 59 मिनट तक रहेगा।
इस बार कई सालों बाद रक्षाबंधन के पर्व पर भद्रा का साया नहीं रहेगा और बहनें सुबह से शाम तक भाइयों को रक्षा सूत्र बांध ( Rakhi ) सकेंगी। इसी दिन योगी अरविंद जयंती भी है। मदर टेरेसा जयंती और संस्कृत दिवस भी इसी दिन आ रहा है। इसी के साथ श्रावण का समापन भी होगा। पं.दामोदर प्रसाद शर्मा ने बताया कि श्रावण शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा पर रक्षाबंधन के दिन कई अनूठे संयोग बन रहे हैं। वहीं, ज्योतिषाचार्य पं.पुरुषोत्तम गौड़ के अनुसार करीब सात वर्ष बाद श्रावणी पूर्णिमा पर पंचांग के पांच अंगों की श्रेष्ठ स्थिति भी बन रही है। वहीं, श्रवण, घनिष्ठा नक्षत्र, सौभाग्य योग के साथ ही मकर राशि में चंद्रमा की साक्षी में यह पर्व मनाया जाएगा।
सुबह से शाम तक राखी बांधने का अच्छा मूहुर्त ( RakshaBandhan 2019 Shubh Muhurat )
पं. गौड़ के अनुसार शास्त्रानुसार राशि के अनुसार भाई की कलाई पर राखी बांधने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। गुरुवार सुबह 6.02 बजे से शाम 5.59 बजे तक अच्छा मूहुर्त है।
चौघडिय़ा सुबह 06:02 से 07:39 बजे तक ( Raksha Bandhan 2019 Shubh Muhurat )
चर-लाभ-अमृत का चौघडिय़ा सुबह 10:54 से दोपहर 03:46 बजे तक
शुभ का चौघडिय़ा शाम 05:23 से 07:00 बजे तक
अभिजित दोपहर 12:07 से 12:55 बजे तक
मिलेगा 12 घंटे 58 मिनट का समय
पं. डॉ. रवि शर्मा के अनुसार रक्षाबंधन पर अक्सर भद्रा का साया रहने से बहनों को बहुत कम समय मिलता है, लेकिन इस बार पूरे दिन मुहूर्त होने से उन्हें राखी बांधने के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। रक्षाबंधन पर इस बार राखी बांधने के लिए 12 घंटे 58 मिनट का समय मिलेगा। यानि सुबह 06 बजकर 02 मिनट से लेकर शाम के 07 बजे तक बांधी जा सकेगी। इस बार श्रवण शुक्ल पूर्णिमा 14 अगस्त दोपहर 3 बजकर 45 मिनट से प्रारंभ होकर 15 अगस्त को शाम 5 बजकर 59 मिनट तक रहेगी। ऐसे में पूरे दिन राखी बांधी जा सकेगी।
ऑनलाइन टिकट पर लग रहा पैसा
रोडवेज ( rajasthan roadways ) ने रक्षाबंधन पर बसों में नि:शुल्क यात्रा के साथ अग्रिम आरक्षण की सुविधा के आदेश तो जारी कर दिए, लेकिन शुक्रवार को यह सिर्फ कागजी ही साबित हुए। रक्षाबंधन पर ऑनलाइन टिकट के पैसे लिए जा रहे हैं। शुक्रवार को सिंधी कैंप सहित अन्य ऑनलाइन खिडक़ी पर महिलाएं रक्षाबंधन के दिन यात्रा का टिकट कराने पहुंची, तो उन्हें पैसे देने पड़े। काउंटर से टिकट काटकर महिलाओं को दे दिया गया, जब महिला यात्रियों से पैसे मांगे गए, तो उनमें मायूसी छा गई।
Updated on:
10 Aug 2019 10:00 am
Published on:
10 Aug 2019 09:56 am

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