31 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

26 जनवरी को इसलिए मनाया जाता है गणतंत्र दिवस, जानें इसके पीछे की वजह

26 जनवरी को इसलिए मनाया जाता है गणतंत्र दिवस, जानें इसके पीछे की वजह
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जयपुर

•

image

anandi lal

•

Updated: 26 Jan 2019, 9:15 AM IST

Republic Day 2019

जयपुर। भारत को आजादी मिलने के बाद 26 जनवरी 1950 को देश का संविधान प्रभावी हुआ और इसी के बाद से 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रुप में मनाया जाता है। इस साल हम70वां गणतंत्र दिवस मना रहे हैं, लेकिन शायद कम ही लोग जानते हैं कि 26 जनवरी को आखिर क्यों गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। इसके पीछे अहम ऐतिहासिक घटनाक्रम है। हम आपको आज गणतंत्र से जुड़ी कुछ ऐसी ही दिलचस्प बातों से रुबरु करवा रहे हैं।

दरअसल, दिसंबर 1928 में इंडियन नेशनल कांग्रेस ने डोमिनन स्टेटस के लिए एक प्रस्ताव लाई, जिसके बाद ब्रिटिश सरकार ने इस मांग को ये कहते हुए खारिज कर दिया दिया था कि अभी भारत इसके लिए तैयार नहीं है। जिससे कांग्रेस काफी धक्का लगा। फिर उसके ठीक बाद साल 1929 में लाहौर अधिवेशन में पं. जवाहर लाल नेहरु को कांग्रेस का अध्यक्ष चुना गया। जिसके बाद ही कांग्रेस ने डोमिनन स्टेटश की जगह पूर्ण स्वराज की मांग कर दी।

फिर इसके बाद ही एक प्रस्ताव पारित हुआ, जिसमें 1930 के आखिरी रविवार को स्वतंत्रता दिवस के रुप मनाया जाना तय हुआ और इसके बाद इसी दिन 26 जनवरी 1930 को लाहौर में रावी नदी के किनारे तिरंगा झंडा शान से फहराया गया। हालांकि अंग्रेज उस समय भारत में ही थे। फिर देश आजादी के बाद पूर्ण स्वराज दिवस को ध्यान में रख 26 जनवरी को देश का संविधान लागू हुआ। पूरा देश हर्षोउल्लास के साथ इस दिन को गणतंत्र दिवस के रुप में मनाता है।

बता दें कि 26 जनवरी, 1950 को 10 बजकर 18 मिनट पर भारत का संविधान लागू किया गया तो वहीं भारतीय संविधान का निर्माण होने में 2 साल, 11 महीने और 18 दिन का समय लगा था। डॉ.राजेंद्र प्रसाद ने गवर्नमेंट हाऊस में 26 जनवरी, 1950 को देश के पहले राष्ट्रपति के तौर शपथ ली थी।

आपको जानकर गर्व महसूस होगा कि पहली बार गणतंत्र दिवस की परेड साल 1955 में दिल्ली के राजपथ पर आयोजित हुई थी। इस दिन देश के राष्ट्रपति तिरंगा झंडा फहराते हैं और उन्हें 21 तोपों की सलामी दी जाती है। इसके साथ ही इस दिन परमवीर चक्र, वीर चक्र, महावीर चक्र, कीर्ति चक्र और अशोक चक्र जैसे तमाम अवॉर्ड्स दिए जाते हैं।

भारतीय संविधान की प्रारुप समिति के डॉ. भीमराव अम्बेडकर अध्यक्ष थे। तो भारतीय संविधान में कई देशों के संविधानों से कई चीजों को लिया गया। हाथ से लिखी गई संविधान की मूल प्रतियां संसद भवन के पुस्तकालय में सुरक्षित रखी गई हैं, जो हिन्दी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में मैजूद है।