29 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जयपुर

आरक्षण की आग: रिहाई की मांग को लेकर अड़े आंदोलनकारी, आज फिर होगी वार्ता

जयपुर। राजस्थान के भरतपुर जिले के अरोंदा स्थित आगरा-बीकानेर नेशनल हाईवे 21 पर माली, सैनी, कुशवाह, मौर्य समाज के लोग 12 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलनकारियों ने तीसरे दिन रविवार को भी आंदोलन स्थल पर पड़ाव जारी रखा।

Google source verification

जयपुर

image

Lalit Tiwari

Apr 23, 2023

जयपुर। राजस्थान के भरतपुर जिले के अरोंदा स्थित आगरा-बीकानेर नेशनल हाईवे 21 पर माली, सैनी, कुशवाह, मौर्य समाज के लोग 12 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलनकारियों ने तीसरे दिन रविवार को भी आंदोलन स्थल पर पड़ाव जारी रखा। आंदोलन के संयोजक मुरारीलाल सैनी और अन्य पदाधिकारियों की गिरफ्तारी की रिहाई की मांग कर रहे हैं। उधर, पुलिस को आशंका है कि आंदोलनकारियों की रिहाई की मांग को पूरा कर दिया जाता है तो आंदोलन बढ़ सकता है। इंटरनेट पर पाबंदी की अवधि को अब 48 घंटे कर दिया गया है। इंटरनेट 23 अप्रेल की रात 12 बजे तक बंद रहेगा।

आंदोलन स्थल पर अधिकारियों ने संभाला मोर्चा

21 अप्रेल की शाम पूर्व मंत्री भूपेंद्र सैनी ने संभागीय आयुक्त सांवरमल वर्मा के साथ वार्ता की थी। इसमें चार मांगों को लेकर राज्य सरकार को अवगत कराने का आश्वासन दिया गया था। सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आने पर सैनी समाज के प्रतिनिधि मंडल के साथ आज वापस वार्ता होगी। संभागीय आयुक्त सांवरमल वर्मा, आईजी गौरव श्रीवास्तव, जिला कलक्टर आलोक रंजन, एसपी श्याम सिंह अभी भी हाईवे पर मौजूद हैं।

वाहनों का आवागमन बाधित, लोग परेशान

आंदोलनकारियों ने नेशनल हाईवे पर दो किलोमीटर तक पत्थर एवं पेड़ काटकर डाल रखे हैं, इससे वाहनों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। पुलिस प्रशासन की ओर से विकल्प के तौर पर वाहनों को दूसरे मार्गों से निकाला जा रहा है।

अंजलि सैनी ने संभाली आंदोलन की बागड़ोर

शनिवार को आंदोलन का नेतृत्व महिला अंजलि सैनी के जिम्मे होने का दावा किया गया है। बताया जा रहा है कि महिला को जिम्मा सौंपने से कोई गतिरोध भी नहीं होगा और मुरारीलाल की रिहाई तक आंदोलन चलता रहेगा। अंजलि ने कहा कि हमारी 12 प्रतिशत आरक्षण की मांग जायज हैं। टेंट व अन्य वाहन प्रशासन ने जब्त किए हैं, उन्हें छोड़ा जाए। रिहाई के बाद आंदोलन स्थल पर बैठकर रणनीति बनाई जाएगी। पहला आंदोलन 12 जून 2022 से 16 जून 2022 तक चला। इस पर तारीख पर तारीख चलती रही है। फुले बिग्रेड के राष्ट्रीय संयोजक चंद्रप्रकाश सैनी ने कहा कि समाज लंबे समय से इस लड़ाई को लड़ रहा है।