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राजस्थान में जॉइंट वेंचर मॉडल पर लगेगी सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट

– विदेशी निवेश के साथ देशी कंपनियों को मिलेगा तकनीकी फायदा -दो विदेशी कंपनियों के साथ चल रही बात, निवेशकों को छूट, पार्क और पूरी वैल्यू चेन होगी विकसित जयपुर. राजस्थान में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने को लेकर राज्य सरकार ने रणनीति बनाई है। सेमीकंडक्टर मिशन के तहत प्रदेश में अब कोई भी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट […]

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जयपुर

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GAURAV JAIN

Feb 03, 2026

- विदेशी निवेश के साथ देशी कंपनियों को मिलेगा तकनीकी फायदा

-दो विदेशी कंपनियों के साथ चल रही बात, निवेशकों को छूट, पार्क और पूरी वैल्यू चेन होगी विकसित

जयपुर. राजस्थान में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने को लेकर राज्य सरकार ने रणनीति बनाई है। सेमीकंडक्टर मिशन के तहत प्रदेश में अब कोई भी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट केवल देशी और विदेशी कंपनियों के संयुक्त उपक्रम (जॉइंट वेंचर) के रूप में ही लगाई जा सकेगी।

इसका उद्देश्य यह है कि देश की कंपनियों को तकनीक, निवेश और उत्पादन में सीधी भागीदारी का अवसर मिले। इसी नीति के तहत राज्य सरकार की विदेश की दो बड़ी सेमीकंडक्टर कंपनियों से बातचीत चल रही है। सरकार चाहती है कि ये कंपनियां किसी अन्य राज्य की ओर रुख न करें, इसलिए पूरी प्रक्रिया को गोपनीय तरीके से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। पहले के कुछ मामलों से मिले अनुभवों को ध्यान में रखते हुए यह सावधानी बरती जा रही है। केंद्रीय बजट में भी सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 शुरू करने की घोषणा भी की है। इससे प्रदेश को फायदा मिलेगा।

सेमीकंडक्टर पॉलिसी का फायदा गिना रहे...

सरकार का मानना है कि जॉइंट वेंचर मॉडल से जहां एक ओर विदेशी निवेश आएगा, वहीं दूसरी ओर देश की कंपनियां भी तकनीकी रूप से मजबूत होंगी। इसी सोच के तहत सेमीकंडक्टर पॉलिसी तैयार की गई है और इसी आधार पर निवेशकों से बातचीत की जा रही है।

ये लाभ

-चिप डिजाइन से लेकर चिप निर्माण तक की पूरी व्यवस्था राजस्थान में ही विकसित होगा।

-राज्य में स्वदेशी सेमीकंडक्टर उत्पादन को बढ़ाया जाएगा।

-वेफर फैब, चिप डिजाइन, असेंबली, टेस्टिंग और पैकेजिंग सहित पूरी सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन का विकास।

-फैबलेस चिप डिजाइन इकोसिस्टम को मजबूत करना।

-रिसर्च और डवलपमेंट को प्रोत्साहन, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर को बढ़ावा देना।

- राज्य में विश्व-स्तरीय सेमीकंडक्टर पार्क की स्थापना।

देंगे ये छूटें...

-इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत स्वीकृत परियोजनाओं को 7 वर्ष तक बिजली शुल्क में पूर्ण छूट, स्टांप शुल्क और भू-रूपांतरण शुल्क में बड़ी राहत मिलेगी।

-भारत सरकार से मिलने वाली पूंजी सब्सिडी के 60 प्रतिशत के बराबर अनुदान राज्य सरकार देगी।

-टर्म लोन पर ब्याज अनुदान, पर्यावरणीय परियोजनाओं पर लागत प्रतिपूर्ति, रोजगार प्रोत्साहन, स्किल ट्रेनिंग, बौद्धिक संपदा और गुणवत्ता प्रमाणन जैसे लाभ देंगे।

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