
राजस्थान में आगामी स्थानीय निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों को निष्पक्ष, सुचारु और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए राज्य सरकार ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में मंगलवार को जयपुर स्थित शासन सचिवालय में राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग और मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता दोनों राज्यों के बीच ईवीएम (EVM) की उपलब्धता और तकनीकी सहयोग के पुराने संबंधों को एक नया विस्तार देता है।
राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने बताया कि इस ऐतिहासिक समझौते के तहत मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा राजस्थान को स्थानीय निकाय चुनावों के लिए भारी मात्रा में ईवीएम मशीनें किराये पर उपलब्ध कराई जाएंगी। जिनमें कुल 30,000 कंट्रोल यूनिट्स और कुल 60,000 बैलेट यूनिट्स शामिल हैं।
इन मशीनों का उपयोग राजस्थान के विभिन्न जिलों में होने वाले नगर निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में किया जाएगा, जिससे संसाधनों की कमी को दूर कर चुनाव प्रक्रिया को सुदृढ़ बनाया जा सके।
चुनाव प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखने के लिए मशीनों की सुरक्षा और उनके रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
राजस्थान राज्य निर्वाचन आयुक्त ने मध्य प्रदेश आयोग द्वारा दिए गए सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि दो राज्यों के बीच यह आपसी समन्वय न केवल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करता है, बल्कि चुनावी प्रक्रिया को अधिक निष्पक्ष और पारदर्शी बनाता है। यह सहयोग इस बात का प्रमाण है कि पड़ोसी राज्य लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए एक-दूसरे के साथ खड़े हैं।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर दोनों राज्यों के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में राजस्थान के राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह, मध्य प्रदेश के राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज कुमार श्रीवास्तव, राजस्थान आयोग के सचिव राजेश वर्मा और मध्य प्रदेश आयोग के सचिव दीपक सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने एम.ओ.यू. की शर्तों और चुनावी रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की।
Updated on:
03 Feb 2026 05:12 pm
Published on:
03 Feb 2026 04:48 pm
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