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राजस्थान के इन 2 शहरों में खुलेंगे देश के पहले बालिका सैनिक स्कूल, 160 सीटों के लिए 13 हजार आवेदन

राजस्थान में बीकानेर और सीकर में देश के पहले बालिका सैनिक स्कूल शुरू होंगे। 160 सीटों के लिए 13 हजार आवेदन मिले, जो बेटियों के उत्साह को दर्शाता है।

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जयपुर। राजस्थान देश का पहला राज्य बन गया है, जिसने केवल लड़कियों के लिए राज्य सरकार द्वारा संचालित ‘सैनिक स्कूल’ मॉडल शुरू किया है। नए शैक्षणिक सत्र अप्रेल से बीकानेर और सीकर जिलों में दो बालिका सैनिक स्कूल शुरू किए जाएंगे। इन स्कूलों का उद्देश्य लड़कियों को सेना, अर्धसैनिक बलों और पुलिस सेवाओं में जाने के लिए विशेष रूप से तैयार करना है।

सरकार की इस पहल को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। दोनों स्कूलों में 80-80 सीटों के लिए करीब 13 हजार आवेदन आए हैं, जिससे बेटियों और अभिभावकों में इस योजना को लेकर उत्साह साफ दिखाई देता है।

लड़कियों के लिए सेना में जाने का मजबूत रास्ता

राज्य सरकार का मानना है कि बालिका सैनिक स्कूलों से लड़कियों को अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और शारीरिक-मानसिक मजबूती मिलेगी। ये स्कूल चित्तौड़गढ़ में स्थित रक्षा मंत्रालय द्वारा संचालित सैनिक स्कूल के मॉडल पर तैयार किए जा रहे हैं।

इन स्कूलों में प्राचार्य और छात्रावास अधीक्षक (वार्डन) जैसे पदों पर सेवानिवृत्त सेना अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी, ताकि छात्रों को सैन्य अनुशासन और माहौल मिल सके। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इन स्कूलों को ‘सैनिक स्कूल’ नाम देने के लिए रक्षा मंत्रालय से किसी तरह की अनुमति की जरूरत नहीं है, क्योंकि ये पूरी तरह राज्य सरकार द्वारा संचालित होंगे।

बीकानेर और सीकर में कहां खुलेंगे स्कूल

बीकानेर जिले के जैमलसर गांव में रामदेवी रामनारायण राठी बालिका सैनिक स्कूल शुरू किया जाएगा। यहां के लिए समाजसेवी पूनमचंद राठी ने शिक्षा विभाग को 108 करोड़ रुपए की जमीन और आधारभूत ढांचा दान में दिया है। इसके अलावा राज्य सरकार ने छात्रावास निर्माण के लिए 9 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं।

वहीं, सीकर जिले के रलावता गांव में महाराव शेखाजी बालिका सैनिक स्कूल खोला जाएगा। फिलहाल यह स्कूल महाराव शेखाजी आर्म्ड फोर्सेज एजुकेशन एकेडमी परिसर से संचालित होगा, जब तक कि स्थायी भवन का निर्माण पूरा नहीं हो जाता।

प्रवेश प्रक्रिया और पढ़ाई का स्वरूप

इन अंग्रेजी माध्यम के आवासीय स्कूलों में प्रवेश के लिए मार्च में प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी। आवेदन पत्रों में सुधार की प्रक्रिया 1 फरवरी से 5 फरवरी तक शाला दर्पण पोर्टल पर उपलब्ध बालिका सैनिक स्कूल मॉड्यूल के माध्यम से जारी है।

पाठ्यक्रम राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) के अनुसार होगा और छात्राएं कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं इसी बोर्ड से देंगी। यहां पढ़ाई के साथ-साथ खेल, ड्रिल और व्यक्तित्व विकास पर भी खास ध्यान दिया जाएगा।

आगे की योजना : 10 सैनिक स्कूल

शिक्षा सचिव कृष्ण कुणाल ने बताया कि मुख्यमंत्री ने बजट 2025-26 में राज्य में 10 राज्य-स्वामित्व वाले सैनिक स्कूल खोलने की घोषणा की थी। इन्हें दो चरणों में शुरू किया जाएगा। पहले चरण में पांच स्कूल खोले जाएंगे, जिनमें बीकानेर और सीकर के अलावा भरतपुर, अजमेर और कोटा का रामगंज मंडी शामिल हैं। इन तीनों स्कूलों के लिए 21-21 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं और इनके निर्माण में लगभग दो साल लगने की उम्मीद है। लक्ष्य है कि इन्हें 1 अप्रैल 2028 से शुरू किया जाए।

पूरी योजना के तहत राजस्थान में एक बालक सैनिक स्कूल और नौ बालिका सैनिक स्कूल खोले जाएंगे। श्रीगंगानगर, कोटा, जैसलमेर, अजमेर, भरतपुर और अलवर में जमीन आवंटित हो चुकी है, जबकि उदयपुर और जयपुर में प्रक्रिया जारी है। यह पहल राज्य में बेटियों को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

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