
दूद सड़क हादसे में एसएमएस अस्पताल में लाए गए मरीजों के इलाज में लापरवाही सामने आई। घायल लोगों को ट्रोमा इमरजेंसी में घायलों को पट्टी बांधकर बाहर भेज दिया। इस पर परिजनों ने विरोध जता दिया। इलाज से असंतुष्ट मरीजों के परिजनों ने ट्रोमा के बाहर हंगामा कर दिया। फोटो : दीपक सैनी

इतना घायल होने के बाद भी डॉक्टर्स ने घायलों को पट्टी कर बहार बैठा दिया। इसी दौरान घायलों के हाल जानने पहुंचे सांसद रामचरण बोहरा के सामने भी परिजनों ने इलाज पर विरोध जताया।

सांसद बोहरा ने जब ने बाहर बैठे मरीजों को देखा तो साथ में मौजूद चिकित्सक जगदीश मोदी को वापिस इलाज शुरू करने के निर्देश दिए।

ट्रोमा सेंटर में हादसे में 31 जनों को लाया गया था। जिनमें से 20 को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी। शेष 11 घायलों को भर्ती किया गया है। हादसे में एक जने स्माइल की मौके पर ही मौत हो गई।

सांसद के निर्देश पर तीन मरीजों को फिर से इमरजेंसी ले लाया गया।

यह हादसा जयपुर-अजमेर राजमार्ग छीतरोली बस स्टैण्ड के पास रविवार को बस और टैंकर में भिड़ंत से हुआ था। जानकारी के अनुसार दूदू के उरसेवा से रामनिवास धोबी अपनी पौत्री नीतू का लग्न-टीका लेकर सुजानगढ़, झुन्झुनूं समारोह में शामिल होने जा रहे थे।