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राजस्थान में नजर आएगा सौर ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहन का तालमेल

सोलर Policy के बाद अब ई-वाहन Policy

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राजस्थान में नजर आएगा सौर ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहन का तालमेल

राजस्थान में नजर आएगा सौर ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहन का तालमेल

भवनेश गुप्ता
जयपुर। सौर ऊर्जा के साथ इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार बड़ी छूट देने जा रही है। इलेक्ट्रिक वाहनों के बाद अब चार्जिंग स्टेशन लगाने वालों को सब्सिडी दी जाएगी। यह सब्सिडी चार्जिंग स्टेशन की क्षमता के अनुसार होगी। साथ ही ऐसे स्टेशनों को सौर ऊर्जा से संचालन के लिए न केवल रियायती दर पर जमीन मिलेगी बल्कि ट्रांसमिशन और व्हीलिंग शुल्क में शत प्रतिशत छूट दी गई है। अधिकतम 50 प्रतिशत रियायती दर पर जमीन मिल सकेगी, जिस पर सोलर प्लांट लगाया जा सकेगा। इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए प्रस्तावित पॉलिसी वित्त विभाग को भेज दी गई है। इसमें डिस्कॉम को चार्जिंग स्टेशन तक डेडिकेटेड लाइन बिछाने का प्रावधान भी किया है। इसके लिए डिस्कॉम प्रशासन के साथ मंथन हो चुका है। अभी ऊर्जा महकमे ने सोलर पॉलिसी लागू की हुई और अब ई-वाहन पॉलिसी लागू होगी।

यह है प्रस्तावित
-चार्जिंग स्टेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए जो उपकरण खरीदेंगे, उनमें एक निर्धारित राशि पुनर्भरण करेंगे। इसमें उन 100 लोगों को बड़ी राशि पुनर्भरण की जाएगी, जो इस पॉलिसी के तहत चार्जिंग स्टेशन लगाएंगे।
-चार्जिंग स्टेशन पर वाहन को चार्ज करने के बाद जो बिल बनेगा, उस पर लगने वाला जीएसटी में से राज्य जीएसटी का हिस्सा वापिस (पुनर्भरण) दिया जाएगा। यह 5 साल तक लागू होगा।
-केन्द्रीय, राज्य विभाग और पीएसयू यदि अपने स्तर पर चार्जिंग स्टेशन लगाते हैं तो उन्हें इलेक्ट्रिसिटी इन्फ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड करना होगा। इसकी लागत का बड़ा हिस्सा रिफंड किया जाएगा।

राज्य में ही उत्पादन यूनिट लगाने पर भी छूट
राज्य में ही इलेक्ट्रिक वाहनों की बैट्री व इससे जुड़े अन्य उत्पादों का उत्पादन यूनिट लगाने का काम भी होगा। ऐसी यूनिट लगाने वालों को राजस्थान इन्वेस्टमेंट प्रमोशन स्कीम (रिप्स) के तहत छूट दी जाएगी। इसके लिए उद्योग विभाग, डिस्कॉम्स, रीको व अन्य विभागों के बीच समन्वय होगा।

चार्ज से छूट पर सीमित समय के लिए
व्हीलिंग चार्ज- 32 पैसे प्रति यूनिट
ट्रांसमिशन चार्ज- 1 रुपए प्रति यूनिट
(सोलर पॉलिसी के तहत 7 से 10 साल तक के लिए शुल्क माफ होगा। हालांकि, दोनों शुल्क की छूट में 500 मेगावॉट की बंदिश भी है। यानि, पांच सौ मेगावॉट के बाद लगने वाले प्लांट पर पूरा शुल्क देना पड़ेगा)

6.21 प्रतिशत हिस्सा राजस्थान में
सरकार की वर्ष 2030 तक सड़कों पर 100 फीसदी ई-वाहन होने का लक्ष्य निर्धारित किया। नीति आयोग की रिपोर्ट में भी इसका जिक्र है। देश में बिकने वाली ई-वाहन में से 6.21 प्रतिशत राजस्थान का हिस्सा है।

राजस्थान में ई-वाहनों की स्थिति
चौपहिया वाहन (एम1)- 60
तिपहिया (एल5एम)- 53
तिपहिया (एल5एन)- 48
तिपहिया (ई-रिक्शा)- 506
तिपहिया (ई-कार्ट)- 3
दोपहिया (एल1)- 8350
दोपहिया (एल2)- 108
(सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय व भारी उद्योग मंत्रालय के अनुसार)

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