4 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रक्षाबंधन पर इससे बड़ी खुशी क्या होगी, बहन और भाई दोनों एक साथ बने सब इंस्पेक्टर

Rakshabandhan Special : अब ट्रेनिंग और अन्य औपचारिकताओं के बाद दोनों को पोस्टिंग मिलने वाली है।

2 min read
Google source verification
brother_sister_photo_2023-08-30_14-16-38.jpg

pic

Raksha Bandhan special: रक्षाबंधन पर आज बहन और भाई की ये स्टोरी पठनीय है। मानों दोनों ने एक दूसरे को उपहार दिया हो.....। दोनों का रक्षाबंधन एक दिन का नहीं है, सालों से हर रोज का है। यानि एक दिन नहीं कई सालों तक हर रोज दोनों ने एक दूसरे की मदद की और अब दोनो एक साथ सरकारी नौकरी में लगे।

अब एक साथ ही ड्यूटी ज्वाइन करने की भी तैयारी कर रहे हैं। हांलाकि दोनों को अलग-अलग पोस्टिंग मिल सकती है। कहानी संघर्ष से भरी हुई है लेकिन रक्षाबंधन से चंद दिन पहले अब इस संघर्ष के सुखद परिणाम सामने आए हैं। दोनों एक साथ सब इंस्पेक्टर बन गए हैं।

पूरा परिवार खुश है। बहन और भाई के संघर्ष की यह कहानी राजस्थान के बाड़मेर जिले की है। दोनों बीसूकला के राजस्व गांव बच्योणियों की ढाणी के रहने वाले हैं। पिता गोरखाराम मेघवाल बस चालक हैं और अब बेटी सुशीला और बेटा जितेन्द्र पहले ही प्रयास में सब इंस्पेक्टर बने हैं। दरअसल साल 2021 में 859 पदों पर एसआई भर्ती परीक्षा शुरू हुई थी। इसके परिणाम आने के बाद हाल ही में नए एसआई पुलिस में भर्ती हुए हैं। इनमें बहन भाई की यह इकलौती जोड़ी है।

12वीं के बाद बेटी की शादी कर दी लेकिन बेटी पर धुन सवार थी कुछ करने की, अब थानेदार हो गई
सुशीला ने साल 2011 में बारहवीं बोर्ड की परीक्षा दी। परिणाम आने से पहले ही शादी कर दी गई जैसलमेर जिले में रहने वाले महेन्द्र कुमार से। शादी के बाद नई जिम्मेदारियों के बीच पढ़ाई चुनौती बनी। लेकिन पिता और खासतौर पर भाई ने साथ दिया। पढाई की जो लौ थी उसे बुझने नहीं दिया। सबसे पहले सुशीला ने पीटीईटी परीक्षा पास की, चयन होने पर बाड़मेर से बीएड की। उसके बाद 2018 में रीट पास कर पहली सरकारी नौकरी यानि तृतीय श्रेणी अघ्यापक बनीं। कोरोना में एसआई भर्ती की तैयारी घर से ही शुरू की और इसमें पिता एंव भाई ने सारी मदद की। आखिर अब सुनीता एसआई बन ही गई वह भी पहले ही प्रयास में।

अब बात सुशीला के भाई जितेन्द्र की छह साल तक लगातार पढ़ाई का सिलसिला नहीं छोडा। बहन पास होती गई लेकिन भाई जितेन्द्र का संघर्ष जारी रहा। आरएएस मेन एग्जाम तक पहुंचे लेकिन बात नहीं बनी। प्रथम श्रेणी लेक्चरर की परीक्षा पास की। लेकिन कुछ बड़ा करने की जिद ने एसआई भर्ती की तैयारी शुरू कर दी । बहन और भाई दोनों ने मिलकर पढ़ाई की, एक दूसरे की मदद की और आखिर अब दोनों एक साथ एसआई हो गए हैं। अब ट्रेनिंग और अन्य औपचारिकताओं के बाद दोनों को पोस्टिंग मिलने वाली है। मेघवाल परिवार में इस साल जो रक्षाबंधन मनाया जाएगा, वह आज तक नहीं मनाया गया।

बड़ी खबरें

View All

जयपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग