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‘जिसे हम चाचा नेहरू समझते थे असल मे गाजी खान बहरूपिया था’ जानें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इस कहानी का पूरा सच

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जयपुर

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rohit sharma

Oct 09, 2018

Truth about Nehru

Truth about Nehru

नेहरू खानदान की दास्तानबाकी सच्ची कहानी।

हिंदुस्तानी इसे देखेगा सुनेगा और समझेगा की जिसे हम चाचा नेहरू समझते थे असल मे गाजी खान बहरूपिया था जिसने हिन्दू नाम पंडित जवाहरलाल नेहरू रखकर देश का प्रधानमंत्री बना। आज का राहुल का पिता राजीव, मां इंदिरा सभी मुस्लिम थे। आज की सारी समस्याएं नेहरू की लूट और झूठ से शुरू हुई जो अभी तक बरकरार है।

इस संदेश के साथ फेसबुक पर एक वीडियो वायरल किया जा रहा है कि जवाहरलाल नेहरु गाजी खान के पोते हैंं। यह वीडियो 8 अगस्त को ध्रुव साध नामक युजर ने फेसबुक पर शेयर किया है, जिसके बाद लगातार लोग इस वीडियो को शेयर कर रहे हैं। इस वीडियो को अब तक 80 हजार से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं।

वीडियो में बताया गया है कि अफगानिस्तान में रहने वाले गाजी खान ने कांग्रेस की नींव रखी। इसके बाद उसके बेटे मोइन खान ने अपना नाम और धर्म बदलकर मोतीलाल नेहरु रख लिया। इस तरह पूरा गांधी परिवार मुस्लमान है, जबकि वो गांधी परिवार से जाने जाते हैं और उन्होंने ही पाकिस्तान के जिन्ना के साथ मिलकर भारत के दो टुकड़े करवाए। इसके अलावा इस वीडियो में कांग्रेस पार्टी पर कई आरोप लगाए गए हैं, जिसमें भारत के विभाजन से लेकर, कश्मीर व चीन की जमीन पर कब्जा, सेना के जवानों के सिर काटने से लेकर बड़े-बड़े घोटालों के नाम शामिल हैं।


सच्चाई क्या है-

गूगल में सर्च करने और विभिन्न रिपोर्टों को देखने के बाद कहीं भी एेसा फैक्ट नजर नहीं आया, जिससे कि यह साबित होता हो कि नेहरु के दादा ने अपना नाम और धर्म बदला था। इसके विपरीत विकिपीडिया ने उस पेज को भी हचा दिया, जिसमें उक्त तथ्य का जिक्र था। वर्ष 2015 में कांग्रेस ने यह आरोप लगाया था कि विकिपीडिया पर केन्द्र सरकार की ओर से तथ्यों से छेड़छाड़ की गई है। कांग्रेस का दावा था कि 26 जून 2015 को यह छेड़छाड़ हुई थी। उस समय कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके दावा किया था कि ये छेड़छाड़ केन्द्र सरकार को सॉफ़्टवेयर मुहैया कराने वाली संस्था नेशनल इंफोर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) से हुई है। उऩ्होंने सरकार से जांच की भी मांग की थी।

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