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झुके खंभे, ढीले तार: हादसे को न्योता, मानसून से पहले भी नहीं चेते जिम्मेदार

धार्मिक नगरी रामदेवरा में विद्युत विभाग की लापरवाही आमजन के लिए भारी पड़ सकती है। क्षेत्र के कई हिस्सों में जर्जर और झुके हुए विद्युत पोल अब भी यथावत हैं।

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धार्मिक नगरी रामदेवरा में विद्युत विभाग की लापरवाही आमजन के लिए भारी पड़ सकती है। क्षेत्र के कई हिस्सों में जर्जर और झुके हुए विद्युत पोल अब भी यथावत हैं। मानसून की आहट और तेज हवाओं के दौर में ये खंभे कभी भी गिरकर हादसे का कारण बन सकते हैं। स्थानीय निवासी कई बार विद्युत निगम से मांग कर चुके हैं कि पुराने और कमजोर खंभों को बदला जाए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। रेलवे स्टेशन के पास, बस्ती क्षेत्रों और सडक़ों के किनारे कई पोल जर्जर स्थिति में खड़े हैं।इसके अलावा, सरदारशहर धर्मशाला के सामने वाली गली में इंसुलेटेड विद्युत तार लंबे समय से बेहद नीचे लटक रहे हैं। राहगीरों के सिर के बेहद करीब से गुजर रहे ये तार किसी दिन जानलेवा हादसे का कारण बन सकते हैं।

स्थानीयों की चिंता

रामदेवरा निवासी पंकज का कहना है कि जर्जर विद्युत पोल मानसून में कभी भी गिर सकते हैं। विभाग को इन्हें तुरंत बदलना चाहिए। वहीं सामाजिक कार्यकर्ता रानीदानसिंह तंवर ने बताया कि ढीले पड़े तारों से बड़ी दुर्घटना हो सकती है, इन्हें तुरंत कसा जाना चाहिए। ग्रामीणों की मांग है कि कमजोर खंभों और झूलते तारों की मरम्मत कराए ताकि मानसून के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।

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