Jaislamer- मारपीट के बाद आया नाटकीय मोड़- अधिवक्ताओं ने की थानाधिकारी को हटाने की मांग, सफाईकर्मियों ने दिया ऐसे जवाब

- अधिवक्ता के साथ मारपीट का मामला

- वाल्मिकी समाज ने जुलूस निकालकर सौंपा ज्ञापन, किया सफाई कार्य का बहिष्कार

By: jitendra changani

Published: 12 Sep 2017, 10:23 PM IST

जैसलमेर . पोकरण कस्बे में सोमवार को अधिवक्ता से मारपीट व जानलेवा हमले के बाद अभिभाषक संघ की पेन डाउन हड़ताल मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रही। अधिवक्ताओं ने थानाधिकारी को हटाने की मांग की। गौरतलब है कि अधिवक्ता तनेरावसिंह से सोमवार को पुलिस थाने के बाहर 40-50 जनों ने मारपीट कर जानलेवा हमला कर दिया। इससे उन्हें चोटें भी लगी। घटना के बाद अधिवक्ताओं ने कार्य का बहिष्कार करते हुए हड़ताल शुरूकर दी।
धरना देकर जताया विरोध
अधिवक्ताओं ने मंगलवार को कचहरी परिसर में धरना शुरू कर दिया। उनका कहना है कि थानाधिकारी की सह पर अधिवक्ता से मारपीट की गई। उन्हें छुड़ाने का प्रयास भी नहीं किया। उन्होंने थानाधिकारी को निलम्बित करने तक धरना जारी रखने की बात कही।
मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
स्थानीय बार एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सुपुर्द किया।

-मारपीट के प्रकरण में जानलेवा हमले की धारा जोडऩे की मांग
    स्थानीय वाल्मीकि समाज के प्रतिनिधि मंडल ने मंगलवार को पुलिस उपाधीक्षक को ज्ञापन सुपुर्द किया तथा सोमवार को दर्ज करवाए गए मारपीट के प्रकरण में जानलेवा हमले की धारा जोडक़र मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है। समाज के लोगों ने उपाधीक्षक को ज्ञापन सुपुर्द कर बताया कि सोमवार को हस्तीमल पुत्र राजूराम के साथ कुछ युवकों ने कुल्हाड़ी से सिर पर वार कर जानलेवा हमला किया तथा उनकी ओर से पूरे शरीर में चोटें पहुंचाई गई।जिससे वह बुरी तरह से घायल होकर बेहोश हो गया। जिसका राजकीय अस्पताल में उपचार चल रहा है। मारपीट को लेकर घायल की मां कंचन पत्नी राजूराम की ओर से नामजद मामला दर्ज करवाया गया, लेकिन पुलिस की ओर से प्राणघातक हमले की धाराओं में मामला दर्ज नहीं किया गया, जो पीडि़त पक्ष के साथ अन्याय है। उन्होंने मामले को आईपीसी की धारा 307 में दर्ज करने की मंाग की है।
किया कार्य का बहिष्कार
वाल्मीकि मोहल्ले में कुछ युवकों की ओर से मोहल्ले में घुसकर घर के आगे खड़े युवक हस्तीराम पुत्र राजूराम वाल्मीकि के साथ की गई मारपीट व जानलेवा हमले की घटना को लेकर मंगलवार को स्थानीय नगरपालिका में कार्यरत वाल्मिकी समाज के लोगों व सफाई कर्मचारियों ने कार्य का बहिष्कार किया तथा कस्बे की सफाई नहीं की। ऐसे में कस्बे के मुख्य मार्गों पर गंदगी पसरी दिखाई दी। जानकारी के अनुसार सोमवार को हुई मारपीट की घटना के बाद मंगलवार को सुबह एक भी सफाई कर्मचारी नगरपालिका नहीं पहुंचा तथा उन्होंने जुलूस निकालकर पुलिस उपाधीक्षक को ज्ञापन सुपुर्द कर मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की।

Show More
jitendra changani Desk/Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned