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थानों के बीच की दूरी, संसाधनों का टोटा और तस्करों की मौज !

-अवैध शराब के कारोबारियों को रास आ रहा 125 किमी लंबा रास्ता -फलों, सब्जियों व ईंट पत्थरों के बीच छिपाकर हो रही शराब की तस्करी-लग्जरी वाहनों से एसकोर्टिंग तो बज्जू से नाचना तक न रोकने वाला, न टोकने वाला  

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थानों के बीच की दूरी, संसाधनों का टोटा और तस्करों की मौज !

थानों के बीच की दूरी, संसाधनों का टोटा और तस्करों की मौज !

-दीपक व्यास/मूलचंद सोलंकी
जैसलमेर/नोख. हाल ही में नोख क्षेत्र में 153 कर्टन अवैध शराब पकड़े जाने व एस्कॉर्ट वाहन के साथ शराब की खेप की तस्करी का मामला इन दिनों सुर्खियों में हैंं। एक लंबे सन्नाटे के बाद शराब तस्करों ने फिर से अवैध शराब की तस्करी के लिए पुराने मार्ग को काम में लेना शुरू कर दिया है। पत्रिका पड़ताल में यह बात सामने आई है कि सरहदी जैसलमेर जिले के दूरस्थ नोख थाना क्षेत्र एक तरफ जोधपुर जिले की सीमा के पास सबसे अंतिम छोर पर स्थित हैं। इस तरह राजस्थान, पंजाब व हरियाणा सहित राजस्थान के सूरतगढ़ व आसपास के क्षेत्र से बाड़मेर के रास्ते गुजरात तक शराब तस्करी के लिए यह क्षेत्र अवैध शराब के कारोबारियों को सबसे अधिक रास आता है। सरहदी क्षेत्रों में नहर आने के बाद सडक़, बिजली जैसी अन्य मूलभूत सुविधाएं बढ़ी हैं। दुर्भाग्य से यह सुविधाएं तस्करों के काम को आसान बना रही है। गौरतलब है कि नहरी क्षेत्र में नोख व नाचना थाना क्षेत्र के बीच में एक भी पुलिस चौकी नहीं हैं, जबकि दोनो ही थानों के क्षेत्र की दूरी सौ किमी से अधिक हैं। इन दोनों थानाक्षेत्रों के बीच से होकर निकल जाना शराब तस्करों के लिए आसान रहता है। इस बीच लम्बी दूरी व नहरी क्षेत्र में सडक़ सुविधा के विकास का फयदा भी शराब तस्करों को मिल रहा है। कई बार पुलिस की दूरी व संसाधनों की कमी का फायदा उठाने में तस्कर सफल हो जाते हैं।


हकीकत यह भी
-फलों, सब्जियों व ईंट पत्थरों के बीच में छिपाकर की जाती है शराब की तस्करी
-शराब की खेप लेकर जा रहे वाहन के आगे लग्जरी गाड़ी से एसकोर्टिंग करते हुए रखी जाती है पुलिस तंत्र पर नजर।
-नोख पुलिस थाना बीकानेर जैसलमेर वाया नाचना मोहनगढ़ मुख्य सडक़ मार्ग से 20 किलोमीटर भीतर फलोदी की ओर आया हुआ है।
-नाचना पुलिस थाना भी उक्त सडक़ से करीब पांच किमी दूर नाचना गांव में आया हुआ है।
-बीकानेर का सबसे पहला पुलिस थाना बज्जु पुलिस थाना भी नोख से 60 किमी दूर है।
-नाचना से इसकी दूरी करीब 125 किमी है तो नोख नाचना पुलिस थाने के बीच भी करीब 90 किमी की दूरी है।
- लम्बे चौड़े सम्पूर्ण क्षेत्र में पुलिस चौकियों का अभाव भी बना हुआ है ।
-पुलिस के लिए भी इतने लम्बे चौड़े क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखना चुनौती से कम नहीं है।

ऐसा भी होता है
-पुलिस की लोकेशन पर नजर रखने के लिए शराब तस्कर ट्रकों में शराब की खेप भेजते हैं तो उनकी एसकोर्टिंग में लग्जरी वाहनों का उपयेग करते हैं।
-एसकोर्टिंग वाहन ट्रक के आगे.आगे चलकर पुलिस की लोकेशन से ट्रक संचालकों को हर स्थिति से अवगत कराते रहते हैं।
-पुलिस की रात्रि गश्त या नाकेबंदी में शराब की खेप कभी-कभार पकड़ी जाती है।

कर रहे प्रयास
समय-समय पर थाना क्षेत्र में गश्त की जा रही है। तस्करी के संभावित मार्गों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शराब तस्करों को पकडऩे के लिए उच्च अधिकारियों के निर्देशन में कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
-पवन कुमार, थानाधिकारी, पुलिस थाना नोख, जैसलमेर

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