
पाकिस्तान की ओर से सैन्य ठिकानों पर हमले के प्रयासों और भारत के मजबूत जवाब के बीच नाचना कस्बे में एक अजीब सा सन्नाटा और सतर्कता का माहौल है, लेकिन इस सन्नाटे के बीच देशभक्ति का ज्वार भी है। सीमा से सटे इस क्षेत्र के ग्रामीण अब पहले से कहीं अधिक सजग हैं, और हर कदम पर भारत की सुरक्षा के लिए खड़े हैं। रमेश सेवग जो यहां के व्यापारी हैं, कहते हैं कि देश की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। हम सभी को केवल सरकारी सूचना के माध्यम से ही सही दिशा मिल सकती है, इसलिए अफवाहों से बचना बेहद जरूरी है। हम सब मिलकर इस मुश्किल घड़ी का सामना करेंगे। विद्युत महकमे में कार्यरत सुमेरसिंह देवड़ा मानते हैं कि इस स्थिति में भी उनका काम बिना किसी विघ्न के चलना चाहिए। हमारे विभाग के कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं और हम अपनी सेवाओं में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा का ध्यान रखते हुए, हम यह सुनिश्चित करेंगे कि लोग बिना किसी समस्या के बिजली का उपयोग कर सकें। पेशे से शिक्षक मुरलीधर सुथार का कहना है कि हमारे विद्यार्थियों को हमेशा यह सिखाया जाता है कि देश की सेवा सबसे बड़ी सेवा है। इस समय में अपने राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी भी निभानी है। नाचना के निवासियों को विश्वास है कि संकट के इस समय में लोग एकजुट होकर इस मुश्किल को पार करेंगे। गृहिणी मूली देवी ने बताया कि हमने घरों को पूरी तरह से सुरक्षित कर लिया है। रात के समय सभी लाइट्स को ढक दिया जाता है, ताकि बाहरी निगाहों से बच सकें। यह समय परिवार की सुरक्षा का है और हम हर तरीके से तैयार हैं। सरहद से करीब 70 किलोमीटर दूर कस्बे के हर घर में एक ही भावना है - संकट चाहे जैसा भी हो, वे किसी भी स्थिति में अपनी मातृभूमि की रक्षा करने के लिए तैयार हैं। यहां जागरूकता और देशभक्ति का अनोखा संगम है, जहां भय नहीं, बल्कि एकजुटता और संकल्प का वातावरण है नाचना कस्बे के लोग इस संकट को भी अवसर में बदलने की पूरी तरह से तैयार नजर आ रहे हैं।
Published on:
08 May 2025 10:28 pm

बड़ी खबरें
View Allजैसलमेर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
