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सम स्कूल की बदहाल स्थिति से फूटा शिक्षक संघ का गुस्सा

सम क्षेत्र के मुख्य स्कूल की जर्जर हालत और जिम्मेदारों की उपेक्षा को लेकर शिक्षक समुदाय में गहरा रोष है।

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सम क्षेत्र के मुख्य स्कूल की जर्जर हालत और जिम्मेदारों की उपेक्षा को लेकर शिक्षक समुदाय में गहरा रोष है। सोमवार को स्कूल भवन में हुई दुर्घटना के बाद प्रशासन ने स्कूल को अस्थाई रूप से महात्मा गांधी अंग्रेजी स्कूल में शिफ्ट कर दिया, जहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। इस कदम के विरोध में शिक्षक संघ ने कड़ा ऐतराज जताते हुए प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। राजस्थान पंचायतीराज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रकाश विश्नोई ने कहा कि विभाग केवल हादसों और जनहानि के बाद ही जागता है, जबकि वर्षों से सम स्कूल की हालत बदतर होती जा रही है।

सात साल से खस्ताहाल, अब तक नहीं हुआ निर्माण

संघ के अनुसार सम स्कूल का भवन 2017 से खस्ताहाल है। दीवारें कमजोर हैं, छतें टपकती हैं और कक्षाएं खतरनाक माहौल में चलती रही हैं। छात्र नामांकन भी इसी कारण घटा है। भवन निर्माण का प्रस्ताव डीओपी में कई वर्षों से अटका है। करोड़ों रुपये बजट में होते हुए भी न जिला प्रशासन, न जिला परिषद और न ही जनप्रतिनिधियों ने कोई ठोस कार्रवाई की।

सुविधाविहीन स्कूल में शिफ्टिंग पर विरोध

हाल ही में हुई दुर्घटना के बाद स्कूल को महात्मा गांधी अंग्रेजी स्कूल में शिफ्ट कर दो पारी में संचालित करने के आदेश जारी किए गए हैं, लेकिन वहां बिजली, पानी, टॉयलेट और फर्नीचर जैसी सुविधाएं तक नहीं हैं। संघ के जिला अध्यक्ष जसवंत सिंह भाटी ने सवाल उठाया कि पास के ही एक आलीशान और खाली भवन में स्कूल को क्यों नहीं स्थानांतरित किया गया? उन्होंने इसे अन्यायपूर्ण निर्णय बताया।

शिक्षक संघ की चार प्रमुख मांगें

-सम स्कूल के नए भवन का शीघ्र निर्माण शुरू किया जाए।

  • डीओपी में लंबित बजट प्रस्ताव को तत्काल स्वीकृति मिले।-स्कूल को ऐसी अस्थायी जगह शिफ्ट किया जाए, जहां न्यूनतम आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों।-जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधि मामले में तुरंत हस्तक्षेप करें।आंदोलन की चेतावनीसंघ ने साफ कहा है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन किया जाएगा। छात्रों की सुरक्षा और शिक्षा को संकट में नहीं छोड़ा जा सकता।