
महिलाओं ने गणगौर का व्रत भी ससुराल में खोला
जैसलमेर. सीमांत जैसलमेर के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण के प्रति आमजन की समझ अब बढ़ती नजर आ रही है तथा लोग लॉकडाउन की पालना भी दिन--दिन ज्यादा शिद्दत से कर रहे हैं। शुक्रवार को गणगौर का व्रत होने के बावजूद अधिकांश महिलाओं ने शहर में पीहर होने के बावजूद ससुराल में रहकर ही गणगौर माता का पूजन व कथा कही-सुनी तथा व्रत खोला। ऐसे में दामाद भी ससुराल नहीं गए और घर पर रहे। हर बार की भांति पवित्र गड़ीसर सरोवर पर गणगौर का मेला नहीं भरा तथा कुछ महिलाएं-बालिकाएं आदतवश वहां पूजन के लिए पहुंची तो पुलिस ने उन्हें टोका। दूसरी ओर शहर की सड़कों पर लगभग कफ्र्यू जैसा सन्नाटा पसरा रहा। पुलिसकर्मी रोज की भांति मुख्य चौक-चौराहों व सड़कों पर मुस्तैदी से ड्यूटी करते नजर आए। जिले के पोकरण शहर में डोर टू डोर सब्जियों का वितरण किया गया। वाहन द्वारा सब्जियों का विक्रय किया जाकर शहरवासियों की सब्जियों की जरूरतों को पूरा किया गया।
सोशल डिस्टेंसिंग पर जोर
जैसलमेर जिले में कोरोना वायरस संक्रमण के लिए लॉकडाउन के चलते हर तरफ सोशल डिस्टेंसिंग का प्रभाव भी अब बढ़ रहा है। मेडिकल व किराणा सहित विभिन्न प्रकार की दुकानों के बाहर कुछ-कुछ दूरी पर सड़क पर गोले कर रखे हैं ताकि ग्राहक दूरी बनाए रखकर खड़े रहकर अपनी बारी का इंतजार कर सकें। जो लोग किसी भी आवश्यक कार्यवश घर से बाहर निकल रहे हैं, वे अनिवार्य रूप से चेहरे पर मास्क अथवा रूमाल बांधे दिखाई दे रहे हैं। सरकारी ड्यूटी पर डटे अधिकारी तथा कार्मिक भी परस्पर दूरी तथा मास्क लगाने की अनिवार्यता की पालना कर रहे हैं।
Published on:
27 Mar 2020 08:41 pm

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