
जान लीजिए : 11 घंटे का खास मुहूर्त है राखी बांधने के लिए
कानपुर। भाई-बहन के बीच पवित्र प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन का त्योहार पूरे देश में 26 अगस्त को धूमधाम के साथ मनाया जाएगा. इस त्योहार में एक ओर बहन अपने भाई को प्यार और विश्वास से राखी बांधेगी तो दूसरी ओर भाई बहन ताउम्र सुरक्षा का वचन देता है. इस पर्व पर विशेष मुहूर्त का बहुत महत्व है, जिसे लेकर अक्सर बहनें परेशान रहती हैं. आइए आपकी इस परेशानी को दूर करते हैं यहां.
ऐसा बताते हैं पंडित
आचार्य उमेश दत्त शुक्ला बताते हैं कि किसी भी पर्व को विधि विधान से मनाने पर श्रेष्ठ फल मिलता है. रक्षा बंधन के दिन बहनें सुबह उठकर नए वस्त्र धारण कर राखी की थाली तैयार करें. थाल में राखी, कुमकुम, हल्दी, अक्षत और मिठाई रखें. बहनें सबसे पहले भाई को तिलक कर उसकी आरती उतारें. उसके ऊपर अक्षत डालें और फिर भाई के दाहिनी कलाई पर राखी बांधें. अगर इस प्रक्रिया के होने तक भाई और बहन दोनों उपवास रखें तो श्रेष्ठ फल मिलता है .
ऐसे पढ़ें मंत्र
पंडित आचार्य शिवम शास्त्री के अनुसार रक्षा सूत्र बांधते वक्त अगर बहन इस मंत्र का उच्चारण करें तो भाइयों की दीर्घ आयु होती है.
मंत्र- 'येन बद्धो बली राजा, दानवेंद्रो महाबल:, तेन त्वां प्रतिबध्नामि, रक्षे! मा चल! मा चल.
रक्षाबंधन - 26 अगस्त - दिन रविवार
शुभ मुहूर्त सुबह – सुबह 5.59 बजे से शाम 5.25 बजे तक.
कुल अवधि - 11 घंटे 26 मिनट
दोपहर का मुहूर्त -1.39 बजे से 04.12 बजे तक
ऐसा कहते हैं आचार्य
आचार्य उमेश दत्त शुक्ला कहते हैं कि रक्षा बंधन का पर्व मुहूर्त को ध्यान में रख कर मनाना चाहिए. शुभ मुहूर्त में किए कार्य का फल भी शुभ मिलता है. भाई बहन जीवन भर एक दूसरे के साथ इस पवित्र बंधन में बंधे रहते हैं. इस साल सबसे श्रेष्ठ बात यह है कि काल भद्रा रक्षाबंधन के दिन सूर्योदय के पहले ही समाप्त हो जाएगा. इसके बाद निश्चित मुहूर्त में रक्षाबंधन का पर्व अति उत्तम फल देने वाला होगा.
Published on:
22 Aug 2018 03:42 pm
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