कोरोनाकाल में नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचने वाले गिरोह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल, पुलिस के पास पुख्ता साक्ष्य

-नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन गिरोह के खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट की दाखिल,
-गिरोह के सरगना पर पहले ही लगाई जा चुकी रासुका,
-पुलिस के मुताबिक विवेचना में जुटाए हैं पर्याप्त और पुख्ता साक्ष्य,

By: Arvind Kumar Verma

Published: 23 Jul 2021, 04:16 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
कानपुर. कोरोनाकाल (Corona Period) के दौर में नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन (Remdesivir Injection) बेचने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी है। दरअसल जब कोरोना संकट (Corona Crisis) चरम पर था। उस दौरान रेमडेसिविर इंजेक्शन (Fake Remdesivir Injection Gang) लोगों के लिए प्राणदाई बना था। तब नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन महंगे दामों में बेचे जा रहे थे। मामला सामने आने पर एसटीएफ और पुलिस ने बाबूपुरवा में आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने इन आरोपियों के आरोपों के संबंध में विवेचना में पुख्ता साक्ष्य जुटाए हैं, जिसके आधार पर आरोप तय कर चार्जशीट लगाई गई है।

इस गिरोह के सरगना पर पहले ही रासुका लगाया जा चुका है। साथ ही तीन आरोपी जेल में हैं। इन आरोपियों को कानपुर में 15 अप्रैल को बाबूपुरवा इलाके से एसटीएफ और पुलिस ने हरियाणा के सचिन कुमार, नौबस्ता के मोहन सोनी और कानपुर देहात के प्रशांत शुक्ला को गिरफ्तार किया था। पुलिस को आरोपियों के पास से 268 रेमडेसिविर इंजेक्शन बरामद हुए थे।

ड्रग विभाग द्वारा बरामद किए गए इंजेक्शनों की जब जांच की गई तो नकली निकले थे। नकली इंजेक्शन ग्लूकोज व नमक के मिश्रण से इंजेक्शन बनाए गए थे। इसके बाद 21 मई को गिरोह के सरगना सचिन पर रासुका की कार्रवाई की गई थी। बाबूपुरवा इंस्पेक्टर देवेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य हैं। व्हाट्सएप चैट भी हैं। इन सभी तथ्यों को चार्जशीट में शामिल किया गया है। तीनों के खिलाफ चार्जशीट लगा दी गई है।

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