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Polythene Waste management ये उपाय करेंगे तो 270 मिट्रिक टन कचरा उत्पादन कम हो जाएगा

Polythene Waste management, swachhta survekshan - इस समय सिंगल यूज्ड प्लास्टिक के साथ ही अमानक पॉलीथिन शहर की स्वच्छता में बड़ा रोड़ा है। शहर से निकलने वाले 900 मिट्रिक टन कचरे में 30 फीसदी यानि करीब 270 मिट्रिक टन पॉलीथिन का ही हिस्सा होता है।

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Polythene Waste management ये उपाय करेंगे तो 270 मिट्रिक टन कचरा उत्पादन कम हो जाएगा

Polythene Waste management ये उपाय करेंगे तो 270 मिट्रिक टन कचरा उत्पादन कम हो जाएगा

Polythene Waste management, swachhta survekshan- इस समय सिंगल यूज्ड प्लास्टिक के साथ ही अमानक पॉलीथिन शहर की स्वच्छता में बड़ा रोड़ा है। शहर से निकलने वाले 900 मिट्रिक टन कचरे में 30 फीसदी यानि करीब 270 मिट्रिक टन पॉलीथिन का ही हिस्सा होता है। ऐसे में कड़ी कार्रवाई से इसपर रोक लगा दी जाए तो शहर का कचरा उत्पादन 600 मिट्रिक टन के आसपास रह जाएगा।


स्वच्छता सर्वेक्षण: जून से 120 माइक्रॉन की पॉलीथिन पर प्रतिबंध लगाना है, लेकिन शहर में तो 20 से 50 माइक्रॉन तक की पॉलीथिन ही धड़ल्ले से बिक रही

भोपाल. नगर निगम सीमा क्षेत्र में आगामी तीन माह में 120 माइक्रॉन की पॉलीथिन को भी पूरी तरह से प्रतिबंधिक करना है। अभी 70 माइक्रॉन तक की पॉलीथिन प्रतिबंधित है। निगम प्रशासन के साथ प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने इसके लिए बड़ी सार्वजनिक सूचनाएं भी जारी की, लेकिन जमीन पर ऐसा बिल्कुल नहीं लगता। इस समय शहर में आम दुकानों से लेकर ठेलों, हाट बाजारों तक पर आपको 20 से 50 माइक्रॉन की पॉलीथिन का धड़ल्ले से उपयोग मिल जाएगा। निगम प्रशासन ने अभी प्रतिबंधित पॉलीथिन पर सख्ती नहीं शुरू की तो फिर जून में 120 माइक्रॉन की पॉलीथिन पर रोक भी बड़ी चुनौती हो जाएगी।
फिलहाल निगम प्रशासन प्रतिबंधित पॉलीथिन के उपयोग, क्रय- विक्रय रोकने कोई बड़ा कदम नहीं उठाया, जिससे थोक व्यापारियों से लेकर फुटकर दुकानदारों व ग्राहकों में डर बैठे। स्वच्छता को लेकर निगम स्पॉट फाइन जरूर कर रहा है और रोजाना 40 से 50 हजार रुपए तक की वसूली भी कर रहा है, लेकिन पॉलीथिन को लेकर कड़ी कार्रवाई का इंतजार है।

निगम के कर्मचारियों का पॉलीथिन दुकानदारों से गठजोड़ आया सामने
- हाल में निगम के जोन पांच से जुड़े कर्मचारी पर पॉलीथिन विक्रेता से मासिक बंदी के नाम पर उगाही करने के आरोप में मामला बनाया गया। इससे पहले भी इस तरह के आरोप सामने आते रहे हैं। ऐसे में निगम प्रशासन को मौजूदा टीम को भी बदलकर ईमानदार छवि के लोगों को कार्रवाई में लगाना चाहिए।

ये उपाय करेंगे तो 270 मिट्रिक टन कचरा उत्पादन कम हो जाएगा
- इस समय सिंगल यूज्ड प्लास्टिक के साथ ही अमानक पॉलीथिन शहर की स्वच्छता में बड़ा रोड़ा है। शहर से निकलने वाले 900 मिट्रिक टन कचरे में 30 फीसदी यानि करीब 270 मिट्रिक टन पॉलीथिन का ही हिस्सा होता है। ऐसे में कड़ी कार्रवाई से इसपर रोक लगा दी जाए तो शहर का कचरा उत्पादन 600 मिट्रिक टन के आसपास रह जाएगा।

कोट्स
पॉलीथिन पर प्रतिबंध लगाने निगम स्तर पर चरणबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। हमारी टीम लगातार धरपकड़ कर रही है। परिणाम भी सबके सामने आएंगे।
- एमपी सिंह, अपर आयुक्त