मंत्रियों के अलग-अलग किस्से और कहानी कोई नहीं बात हैं। जितने पुराने मंत्री उतने पुराने उनके किस्से। ऐसा ही एक वाकया 27 सितंबर की रात देखने को मिला जब पान के शौकिन मंत्रीजी का काफिला आधी रात थम गया। मंत्री जी ने अपनी मनपसंद पान खाई। इसके बाद ही यह काफिला आगे बढ़ा।
बस्तर में भाजपा कार्यपरिषद की बैठक में शामिल होने पहुंचे मंत्री बृजमोहन अग्रवाल 28 सितंबर की रात करीब 12.30 बजे केशकाल बस स्टैण्ड में रुके। लाव लश्कर के साथ जब मंत्री जी का काफिला यहां रुका तो इस छोटे से नगर में हलचल मचाना तो लाजिमी थी।
मंत्रीजी के साथ अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सलीम राज भी थे। वे यहां केशकाल नगर पंचायत अध्यक्ष आकाश मेहता के कार्यालय में रुके। यहां उन्होंने चाय, नाश्ते के साथ अपना पसंदीदा पान खाया। करीब आधे घंटे के बाद उनका यह काफिला जगदलपुर के लिए रवाना हुआ।
मंत्री जी को देख खिले कार्यकर्ताओं के चेहरे
बृजमोहन अग्रवाल अपने सरल स्वभाव के लिए जाने जाते हैं। इतने साल तक मंत्री रहने के बावजूद उनके व्यवहार में रत्ती भर भी फर्क नहीं आया है। अपने गृह जिले में भी वे अक्सर ऐसे ही देखे जाते हैं।
इधर केशकाल में भी जब वे रुके तो सरल व्यवहार से कार्यकर्ताओं का दिल जीत लिया। यहां करीब आधे घंटे तक वे अपने ठेठ अंदाज में कार्यकर्ताओं से मिले।