
कोरबा . केंद्र सरकार के संयुक्त सचिव सुनील बर्थवाल ने आज कोरबा जिले में बिजली, कोयला, एल्युमिनियम पर आधारित उद्योगों के साथ-साथ दूसरे छोटे-बड़े उद्योगों की स्थापना के अवसरों पर चेम्बर आफ कामर्स के प्रतिनिधियों से सकारात्मक चर्चा की। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला कलेक्टर मो. कैसर अब्दुल हक सहित जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल, चेम्बर आफ कामर्स कोरबा के अध्यक्ष रामसिंह अग्रवाल एवं अन्य सदस्य भी शामिल हुए।
उन्होंने जिले में लाईवलीहुड कालेज में सिलाई का प्रशिक्षण ले रहे युवाओं का उदाहरण देते हुए कोरबा में रेडीमेड कपड़े बनाने की बड़ी फैक्टरी शुरू करने के लिए भी चेम्बर ऑफ कामर्स के प्रतिनिधियों से चर्चा की। बर्थवाल ने चेम्बर ऑफ कामर्स के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि उद्योगों की स्थापना के लिए राजी होने वाले सभी लोगों-प्रतिष्ठानों को शासन की तरफ से सभी संभव सहायता मिलेगी। बर्थवाल ने जिले में रेडीमेड कपड़ा उद्योग की संभावनाओं पर विशेष जोर देते हुए चेम्बर्स आफ कामर्स के प्रतिनिधियों को तमिलनाडू के त्रिचुर जाकर वहां स्थापित फैक्टरियों का भी अवलोकन करने का सुझाव दिया।
संयुक्त सचिव बर्थवाल ने पलामू जिले में पलास के फूलों से होली के प्राकृतिक रंग बनाने के उद्योग का उदाहरण देते हुए कोरबा जिले में भी इसकी संभावनाएं तलाशने का सुझाव दिया। उन्होंने कोरबा तथा जांजगीर जिले में कोसा आधारित उद्योगों की स्थापना के लिए भी प्रयास करने पर जोर दिया। कलेक्टर मो.कैसर अब्दुल हक ने बैठक में कहा कि जिले में उद्योगों की मांग के अनुसार प्रशिक्षित कर्मी उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन पूरा सहयोग करेगा। चेम्बर आफ कामर्स द्वारा किसी विशेष उद्योग में प्रशिक्षित युवाओं की मांग पर लाईवलीहुड कालेज में युवाओं को उस उद्योग से संबंधित प्रशिक्षण की व्यवस्था कर दी जायेगी।
इन मुद्दों पर हुई चर्चा
-किोरबा तथा जांजगीर जिले में कोसा आधारित उद्योगों की स्थापना पर दिया जोर।
-रिेडीमेड कपड़ा उद्योग की संभावनाओं पर हुई चर्चा।
-फूलों से होली के प्राकृतिक रंग बनाने,
-कोसा उद्योगों पर जोर
Published on:
26 Apr 2018 10:46 am
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