
E-mitra
कोटा . बिजली, पानी और टेलीफोन बिल या फिर भामाशाह या राशन कार्ड बनाना हो। लोग ई-मित्र कियोस्क ढूंढ़ते रहते हैं। परंतु अब इन सब से छुटकारा मिलेगा। वे अपने मोबाइल एप के सहारे कहीं से भी आसपास के ई-मित्र कियोस्क को ढूंढ सकते हैं। इसके लिए सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने राजधारा एप पर ई-मित्र मैप तैयार किया है। ई-मित्र कियोस्क की जियो ट्रेकिंग की जा रही है। उसमें ई-मित्र कियोस्क की लोकेशन पता चल सकेगी। साथ ही फर्जी कियोस्क पर रोक लगेगी।
शिकायत मिली तो लगेगी पैनल्टी
ई-मित्र की नाम व रेट लिस्ट चस्पा नहीं होने की शिकायत मिलने पर अधिकारी संबंधित ई-मित्र के कोड नम्बर के आधार पर उसे ट्रेकिंग करेगा। यदि शिकायत सही मिलती है तो उस पर दो सौ रुपए की पैनल्टी लगेगी। एक बार में गलती को सही नहीं करने पर दोबारा मिलने पर फिर से पैनल्टी जारी की जाएगी।
इस तरह कर सकते पता
आमजन अपने एड्रांयड फोन पर गूगल प्ले स्टोर से राजधारा एप डाउनलोड कर सकते हैं। इसके बाद सिटीजन पोर्टल पर जाकर नियर बाई ऑप्शन पर क्लिक करने पर ई-मित्र की पूरी डिटेल सामने आ जाएगी।
स्कूल व अस्पताल की भी जल्द जियो ट्रेकिंग
इस एप के माध्यम से सरकार अब निजी कम्पनियों के माध्यम से स्कूल, अस्पताल, पेट्रोल पम्प, पुलिस थाने, पार्किंग, ट्रांसपोर्ट, बस स्टैण्ड, आंगनबाड़ी को भी जियो ट्रेकिंग करने जा रही है। कम्पनियों ने अपना काम शुरू कर दिया है। एप के माध्यम से आमजन उन्हें भी अपने आसपास पा सकेंगे।
फर्जी ई-मित्र कियोस्क की भी जानकारी मिलेगी
आईटी विभाग कोटा के डिप्टी डॉयरेक्टर तरुण यादव ने कहा कि राजधारा एप से ई-मित्र कियोस्क की जियो ट्रेकिंग की जा रही है। इससे ई-मित्र कियोस्क की लोकेशन का पता चल सकेगा। फर्जी संचालित ई-मित्र कियोस्क की भी जानकारी मिल सकेगी। किसी नाम व रेट लिस्ट सूची की शिकायत मिलने पर पैनल्टी वसूली जाएगी।
Updated on:
7 Dec 2017, 3:08 PM IST
Published on:
7 Dec 2017, 3:01 PM IST
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