केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने हवा में प्रदूषण जांच के लिए 16 नवम्बर 2009 को नेशनल एंबीएंट एयर क्वालिटी स्टैण्डर्ड जारी किए थे। इसके बाद सामान्यतौर पर हवा में सल्फर-डाई-आक्साइड, नाइट्रोजन-डाई-ऑक्साइड, पार्टीकुलेट मैटर (पीएम 10 और पीएम 2.5), ओजोन, लेड, कार्बनमोनो-डाई-ऑक्साइड, अमोनिया, बेन्जीन, बैन्जोपाइरीन, अर्सेनिक और निकल समेत 12 हानिकारक तत्वों की जांच अनिवार्य कर दी थी। वहीं कोल बेस पावर प्लांटों से उत्सर्जित होने वाले वायु प्रदूषण की जांच के लिए पहले सिर्फ पार्टीकुलेट मैटर की जांच की जाती थी, लेकिन दिसम्बर 2017 से लागू होने वाले रिवाइज्ड एंबीएंट एयर क्वालिटी स्टैण्डर्ड में सल्फर-डाई-ऑक्साइड, ऑक्साइड ऑफ नाइट्रोजन और मर्करी की जांच का प्रावधान भी जोड़ दिया।