
कोटा .
शहर की फिजा रंग बदल रही है। शिक्षा नगरी की प्राकृतिक छटा के साथ नवीनता और प्राचीनता का समावेश अब देसी पर परदेसी पर्यटकों को खासा रास आ रहा है। कोई ज्यादा नहीं दिन और सालों की बात नहीं, नए साल की पूर्व संध्या और पहली जनवरी को कोटा घूमने आए पर्यटकों की संख्या खासी मानी जा रही है। पर्यटन विभाग के एक अनुमान की माने तो इस वर्ष नए साल की पूर्व संध्या पर आयोजित कार्यक्रमों में शहरी लोगों को छोड़ दें तो करीब 19 से 20 हजार के करीब पर्यटक आए। पर्यटन विभाग के अधिकारी संदीप श्रीवास्तव मानते हैं कि देशी व विदेशी पर्यटकों की संख्या का अनुमान लगाना मुश्किल है, लेकिन देश के विभिन्न स्थानों से कोटा घूमने आने वाले पर्यटकों के साथ विदेशी सैलानियों की भी खासी संख्या रही।
यूं देखिए कितना पंसद आया कोटा : कोटा की एक टूरिज्म एजेंसी के संचालक नीरज भटनागर के अनुसार नए साल की पूर्व संध्या पर यहां सैलानियों के कई ग्रुप आए। वहीं शहर के प्रमुख दर्शनीय स्थलों जानकारी ली। कोटा में आधुनिक व प्राचीनता का समावेश है। चम्बल की खूबसूरती, मुकुन्दरा हिल्स रिजर्व, धार्मिक, स्थल मौजूद है इसके चलते पर्यटकों की संख्या में साल दर साल इजाफा हो रहा है।
रास आया सेवन वडंर : नए साल की पूर्व संध्या पर सेवन वंडर को देखने के लिए 3500 से 3800 के करीब पर्यटक पहुंचे। इस दौरान दो दिनों में 6 से 7 हजार लोगों ने सेवन वंडर देखा। सेवन वडंर पार्क, में टिकट सम्बन्धित कार्य देखने वाले राहुल न्याती बताते हैं कि एक जनवरी को 3300 के करीब लोग सेवन वंडर को देखने देखने आए। इनके अलावा पर्यटकों ने किशोरसागर, लक्खी बुर्ज, कोटा के उद्यान व अन्य दर्शनीय स्थल देखे।
म्यूजियम ने भी किया आकर्षित : गढ़ पैलेस स्थित म्यूजियम को देखने के लिए भी बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे। राव माधोसिंह म्यूजियम ट्रस्ट के क्यूरेटर पं. आशुतोष दाधीच के अनुसार 31 दिसम्बर को करीब 600 व पहली जनवरी को 550 लोगों ने म्यूजियम देखा।
ये रहे है कारण : विभिन्न एजेसिंयों के अनुसार गत दिनों में फिल्मों में शामिल कोटा के दृश्य, सरकारी तौर पर प्रचार प्रसार, हवाई सेवा, कोचिंग पढऩे वाले छात्रों, कोटा से अन्य स्थानों की बेहतर कनेक्टिविटी से पर्यटकों की संख्या में इजाफा हुआ है। सेवन वंडर व किशोर सागर को काफी पंसद किया जा रहा है।
Updated on:
02 Jan 2018 08:41 pm
Published on:
02 Jan 2018 08:24 pm
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