नौ माह से सप्लाई ठप, दूध को तरसे बच्चे...

नौ माह से सप्लाई ठप, दूध को तरसे बच्चे...
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Anil Sharma | Publish: Oct, 11 2019 10:59:13 PM (IST) Kota, Kota, Rajasthan, India

200 से अधिक है आंगनबाड़ी केन्द्र...5 हजार बच्चे हो रहे वंचित....सिरे नहीं चढ़ पा रही योजना....

सांगोद. मौजूदा सरकार की लापरवाही या अनदेखी। बच्चों में कुपोषण मिटाने के लिए आंगनबाड़ी केन्द्रों पर भेजा जाने वाला मिल्क पाउडर गत नौ माह से सप्लाई नहीं हुआ है। जिसके चलते केन्द्रों पर आने वाले बच्चों को कुपोषित होने से बचाने की योजना सिरे नहीं चढ़ पा रही। ब्लॉक में 200 से अधिक आंगनबाड़ी केन्द्रों के करीब पांच हजार से अधिक बच्चे इससे वंचित हो रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले बच्चों को दूध वितरण की योजना शुरू होने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग ने दूध वितरण की तर्ज पर एक साल पूर्व आंगनबाड़ी केन्द्रों पर शाला पूर्व शिक्षा ग्रहण कर रहे बच्चों, ड्रॉप आउट, किशोरी बालिकाओं को समुचित पोषण के लिए स्किम्ड मिल्क पाउडर वितरण योजना शुरू की थी।
नहीं मिल रहे पैकेट
योजना के तहत आंगनबाड़ी केन्द्रों पर सप्ताह में तीन दिन पूरक पोषाहार के तहत मिल्क पाउडर वितरित किया जाता है। बच्चों को प्रतिदिन 15 ग्राम एवं महिलाओं को 19 ग्राम दूध पाउडर के हिसाब से पैकेट दिया जाता है। जनवरी तक केन्द्रों पर मिल्क पाउडर के पैकेट भी वितरित किए गए। लेकिन इसके बाद योजना ठंडे बस्त में चली गई।

मुंह ताकते मासूम

सरकारी स्कूलों में दूध योजना शुरू हुई तो आंगनबाड़ी केन्द्रों के बच्चों को लेकर विभाग ने भी योजना शुरू की। ब्लॉक में कई आंगनबाड़ी केन्द्र सरकारी विद्यालयों में संचालित है। विद्यालयों में तो कक्षा आठवीं तक के विद्यार्थियों को गर्म एवं ताजा दूध वितरित होता है। लेकिन आंगनबाड़ी केन्द्रों के बच्चे मुंह ताकते रह जाते हैं। सूत्रों की माने तो बजट के अभाव में मिल्क पाउडर अटका हुआ है। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से बजट के वित्त विभाग को प्रस्ताव भी भिजवा रखे है जिन्हे फिलहाल मंजूरी का इंतजार है। इससे हजारों बच्चे योजना से महरूम है।
- जनवरी माह के बाद से आंगनबाड़ी केन्द्रों में मिल्क पाउडर नहीं आ रहा। कारण तो पता नहीं है लेकिन इससे बच्चों को कुपोषण मुक्त करने में परेशानी होती है।

- नीलम खान, महिला पर्यवेक्षक।

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