लखनऊ

Ayushman Golden Card: आयुष्मान योजना के पांच साल पुरे होने पर बोले उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, गिनाए फायदे

प्राइवेट अस्पतालों का इलाज पर आने वाले खर्च का 90 प्रतिशत से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। आर्थिक रूप से कमजोर भी अब गर्व से प्राइवेट अस्पताल में इलाज हासिल कर सकते हैं।

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Aug 26, 2023
90 प्रतिशत से अधिक का भुगतान किया : ब्रजेश पाठक

Pradhan Mantri Ayushman Yojana प्रदेश में बेहतर तरीके से लागू की गई है और अधिक से अधिक सरकारी और प्राइवेट मेडिकल संस्थानों को जोड़ा गया है। इससे गरीब मरीजों को घर के निकट मुफ्त इलाज उपलब्ध कराने की राह आसान हुई है।

गरीब मरीजों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही

Ayushman Yojana के तहत पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मरीज सूचीबद्ध सरकारी व प्राइवेट अस्पताल में करा सकते हैं। आयुष्मान योजना के पांच साल पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि यह केंद्र और राज्य की अनूठी एवं कल्याणकारी योजना है। इसके तहत मरीजों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। प्राइवेट अस्पताल बिना किसी जमा राशि के समाज के प्रति उत्कृष्ट सेवा कर रहे हैं।

90 प्रतिशत से अधिक का भुगतान किया : ब्रजेश पाठक

उन्होंने कहा कि यूपी बड़ी आबादी वाला राज्य है। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध अस्पतालों में मरीजों का बेहतर इलाज किया जाता है। प्रदेश के सभी जिलों में योजना लागू है। प्राइवेट अस्पतालों का इलाज पर आने वाले खर्च का 90 प्रतिशत से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर भी अब गर्व से प्राइवेट अस्पताल में इलाज हासिल कर सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच को यूपी में पूरी तरह से साकार किया जा रहा है।


आयुष्मान गोल्डन कार्ड

प्रदेश में पिछले पांच सालों से Ayushman Yojana का संचालन किया जा रहा है। लक्षित परिवारों एवं सदस्यों का आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाकर उन्हें इलाज की सुविधा मुहैया कराई जा रही है। इसमें निजी अस्पतालों की भूमिका अहम है।


गंभीर बीमारियों का भी इलाज

डिप्टी सीएम ने कहा कि Ayushman Yojana के तहत गंभीर बीमारियों का इलाज मुहैया कराया जा रहा है। इसमें कैंसर, किडनी, न्यूरो, पेट समेत अन्य बीमारियां शामिल हैं। आयुष्मान योजना के तहत मरीज को भर्ती कर मुफ्त इलाज का लाभ प्रदान किया जा रहा है। इस मौके पर लाभार्थियों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

Published on:
26 Aug 2023 08:02 am
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