- पूर्व आईएएस Surya Pratap Singh के खिलाफ एफआईआर दर्ज - सरकार विरोधी भ्रामक पोस्ट डालने पर हुई कार्रवाई - सूर्य प्रताप सिंह ने सफाई में कहा नो टेस्ट नो कोरोना के बयान पर रहूंगा अडिग
लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रिटायर्ड आईएएस अफसर सूर्य प्रताप सिंह (IAS Surya Pratap Singh) के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है। आरोप है कि उन्होंने सोशल नेटवर्किंग साइट पर सरकार विरोधी भ्रामक पोस्ट शेयर की थी। उन्होंने मुख्य सचिव पर कोरोना टेस्ट (Corona Testing) को लेकर डीएम को हड़काने की फर्जी खबर पोस्ट की थी। सूर्य प्रताप के खिलाफ हजरतगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई है। सचिवालय चौकी प्रभारी सुभाष सिंह की तहरीर पर उनके खिलाफ आईपीसी 188, 505 महामारी अधिनियम की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही है।
दरअसल पूर्व आईएएस ने बुधवार रात एक ट्वीट किया था जिसमें जिसमें था कि मुख्य सचिव ने ज्यादा कोरोना टेस्ट कराने वाले एकदम को भड़काया है। पूर्व आईएएस ने अपने ट्वीट में लिखा था कि सीएम योगी की टीम की मीटिंग के बाद मुख्य सचिव ने एक जिले के डीएम को फोन करके कहा था कि कोरोना टेस्ट करवाने में इतनी तेजी क्यों पकड़े हुए हो ऐसी चर्चा की जाती है कि जितने ज्यादा करोना टेस्ट होंगे उतने ही मामले बढ़ेंगे।
एफआईआर दर्ज होने के बाद सूर्य प्रताप सिंह ने ट्वीट कर कहा है, ''टीम-11 पर किए मेरे ट्वीट को लेकर सरकार ने मेरे खिलाफ मुकदमा कर दिया है। सबसे पहले तो मैं ये साफ कर देना चाहता हूं कि उत्तर प्रदेश सरकार की पॉलिसी पर दिए ‘नो टेस्ट, नो कोरोना’ वाले बयान पर मैं अडिग हूं, और सरकार से निरंतर सवाल पूछता रहूंगा।''
उन्होंने आगे लिखा कि मुख्य सचिव की कही बात जो मैंने कोट की उस पर मैंने आईएएस एसोसिएशन और मुख्य सचिव का जवाब मांगा था। जब कोई जवाब नहीं आया तो मैंने उसे मौन सहमति मान लिया। अगर जवाब देने की जगह सरकार मुकदमा करने की प्रथा को आगे बढ़ाना चाहती है तो मैं तैयार हूं, आइए गिरफ़्तार करिए।