Food Testing: उपभोक्ता किसी भी खाद्य सामग्री का नि: शुल्क करा सकते हैं जांच, 18 मंडल मुख्यालयों के अलावा 18 अन्य जिला मुख्यालयों में लगाया गया है।
Food Testing Campaign: प्रदेश में खाद्य एवं पेय पदार्थों की गुणवत्ता जांच का दायरा बढ़ेगा। अब सभी मंडल मुख्यालय सहित 36 जिलों में फूड टेस्टिंग वैन (food tasting van) भेजी गई है। इससे उपभोक्ता किसी भी खाद्य सामग्री की निशुल्क जांच करा सकते हैं। जल्द ही इस तरह की वैन हर जिले में संचालित की जाएगी। प्रदेश में खाद्य पदार्थों में मिलावट होने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं।
इसे रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से पहले 6 मंडल मुख्यालय पर वैन संचालित की जा रही थी। इस साल प्रदेश में 30 नई वैन आ गई हैं। इस तरह अब कुल 36 वैन हो गई हैं। इन्हें 18 मंडल मुख्यालयों के अलावा 18 अन्य जिला मुख्यालयों में लगाया गया है।
लखनऊ मंडल में तीन वैन लगाई गई हैं। विभाग की ओर से इस वैन का रूट चार्ट तैयार करके विभिन्न बाजार में पहुंचाया जाता है। जिस बाजार में वैन रुकती है, वहां निशुल्क खाद्य पदार्थों की जांच और मिलावट रोकने के प्रति जागरूकता अभियान चलाया जाता है। वैन से कोई भी उपभोक्ता निशुल्क खाद्य पदार्थ की जांच करा सकता है। वैन में एलईडी की लगाई गई है ताकि लोगों को जांच के तरीके समझाए जा सके।
जांच के बाद चलता है अभियान
एफएसडीए के उपायुक्त हरिशंकर सिंह ने बताया कि वैन के जरिए लोगों को मिलावटी खाद्य पदार्थ पहचानने के तरीके भी समझाए जाते हैं। मौके पर
उपभोक्ताओं के माध्यम से लाए गए दूध, हल्दी सहित अन्य मसालों की जांच की जाती है। जिस इलाके में सैंपल ज्यादा मिलावटी मिलती हैं, वहां महीने भर बाद अभियान भी चलाया जाता है। उन्होंने बताया कि यदि हम दूध की जांच करते हैं तो उसमें फैट, स्टार्च, यूरिया, पानी आदि की मात्रा का आकलन हो जाता है। इसी तरह हल्दी में कोई कलर मिलाया गया है तो वह भी पकड़ में आ जाता है।