यदि आप के पास इनकम टैक्स बचाने का कोई रास्ता न दिख रहा हो तो पत्रिका डॉट कॉम आपको टैक्स बचाने का एक आसान रास्ता बता सकता है।
लखनऊ.income tax /strong> देश भर में हर कोई इन कम टैक्स बचाने के लिए कई तरह की तरकीब अपनाते रहते हैं। टैक्स कसल्टेंट एडवोकेट जितेंद्र वर्मा की पत्रिका डॉट कॉम से विशेष बात चीत। जिससे डबल फायदा होगा। टैक्स की बचत भी होगी और एक नई फिक्स इन कम भी आ सकती है।
सबसे आसान तरीका Home Loan
टैक्स से बचत के लिए होम लोन आपके लिए सबसे अच्छा साधन साबित हो सकता है। टैक्स सेविंग के अलावा, आपका होम लोन सबसे कम ब्याज दर पर एक अच्छी खासी संपत्ति बनाने में भी मदद करता है। साथ ही यदि घर का लोन या प्रॉपर्टी परिवार में किसी लड़की या महिला के नाम पर होगी तो इससे 2 प्रतिशत की अतिरिक्त की छूट मिलेगी।
कितना मिलेगा लोन अमाउंट और पेमेंट कैसे होगा?
होम लोन की कम ब्याज दर और टैक्स सेविंग के बारे में जानते हैं। लेकिन बहुत कम लोगो को जानकारी होगी कि उनका लोन अमाउंट और उसे चुकाने का समय कितना होगा। जो उन्हें सबसे कम लागत और सबसे तेज़ पेमेंट का अच्छा अनुभव प्रदान करे। टैक्स सेविंग की अपनी कई सीमाएं हैं। तभी अच्छी सेविंग मिल पाएंगी। जब आप स्मार्ट तरीके से इसका इस्तेमाल करते हैं।
1.5 लाख रुपए सालाना बचता है टैक्स
इनकम टैक्स नियम, 1961 की धारा 80C के अंतर्गत आप हर साल 1.5 लाख रुपए तक के होम लोन के प्रिंसिपल अमाउंट के रीपेमेंट पर टैक्स बचा सकते हैं। इसके अलावा ईपीएफ और पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF), इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम (ELSS), यूलिप, स्कूल फीस और एलआईसी प्रीमियम जैसे साधन भी हैं जिनमे आप को इस नियम के अंतर्गत टैक्स में छूट मिलती है।
कम ब्याज पर टैक्स में कम छूट
आप के होम लोन के शुरुआती समय में होम लोन पर ब्याज का हिस्सा ज्यादा होता है और धीरे-धीरे किस्त में हर महीने ब्याज का हिस्सा कम हो जाता है वही मूलधन का हिस्सा बढ़ जाता है| इसका मतलब आपके पास जितना कम ब्याज होगा, आपकी टैक्स बचत उतनी ही कम होगी।
ज़्यादा समय के लिए होम लोन
यदि आप केवल टैक्स सेविंग को देखते हैं। आपको अधिक से अधिक टैक्स बचाने के लिए लोन को सबसे लंबी अवधि के लिए लेने की आवश्यकता है। उदाहरण के लिए, यदि आप 7% वार्षिक ब्याज दर पर 15 वर्षों के लिए 30 लाख रुपए का होम लोन लेते हैं तो 15 वर्षों में आप कुल कर 5.54 लाख रुपए बचा सकते हैं। दूसरी ओर, अगर आपके पास 30 साल की अवधि के साथ 50 लाख रुपए का होम लोन है, तो इसी तरह की स्थिति में टैक्स सेविंग 13.93 लाख रुपए है।
लंबी अवधि में ज्यादा ब्याज देना होगा
हालांकि, लंबी अवधि का मतलब यह भी होगा कि आपका कुल ब्याज खर्च बहुत अधिक होगा। 30 लाख रुपए के होम लोन पर कुल 18.53 लाख रुपए के ब्याज देने के बजाय आप 50 लाख रुपए के लोन पर कुल 52.59 लाख रुपए का ब्याज चुकाएंगे। परिणाम स्वरूप आपकी ब्याज की देनदारी, टैक्स सेविंग में वृद्धि की तुलना में बहुत अधिक बढ़ जाती है।
नेट इंटरेस्ट रेट आपके होम लोन की प्रभावी दर है जिसके साथ आप बैंक द्वारा लगाए गए ओरिजिनल इंटरेस्ट से टैक्स सेविंग को घटाकर उतना ही ब्याज का भुगतान करेंगे जितना आपको मिलेगा।
Home Loan ज्यादा
होम लोन लेने वालो में यह भी मिथक है कि यदि आप अधिक होम लोन लेते हैं तो आप अधिक टैक्स बचाएंगे। होम लोन की मासिक किस्त में ब्याज का हिस्सा महीने दर महीने कम होता जाता है और मूलधन का रीपेमेंट लगातार बढ़ता जाता है। इसलिए, सालाना इंटरेस्ट पेमेंट शुरुआती वर्षों में अधिक रहता है और धीरे-धीरे कम होता जाता है। हालांकि, धारा 24B के तहत ब्याज पेमेंट के कारण आप अधिकतम टैक्स सेविंग 2 लाख रुपए तक सीमित कर सकते हैं।