आपको भी चाहिए सरकारी नर्सिंग की नौकरी तो यहां करें Apply, जॉब की होती है पक्की गारंटी
B.Sc Nursing and Midwifery Cousr In Army Hospital: भारतीय सेना के अस्पतालों से बीएससी नर्सिंग या फिर मिडवाइफरी कोर्स की पढ़ाई में न केवल आर्थिक सहायता मिलती है बल्कि पढ़ाई के बाद भी नौकरी में नियुक्त किया जाता है।
Indian Army Hospitals teach Nursing Course and Provide Job, Apply Here
भारतीय सेना के अस्पतालों के लिए नर्स व मिडवाइफ तैयार करने और सेना की अन्य चिकित्सीय जरूरतों के पूरा करने के लिए भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय द्वारा चार वर्षीय बीएससी नर्सिंग का पाठ्यक्रम संचालित किया जाता है। इसके अलावा विभिन्न आर्म्ड फोर्सेज अस्पतालों में तीन वर्षीय सामान्य नर्सिंग व मिडवाइफरी का डिप्लोमा पाठ्यक्रम भी संचालित किया जाता है। इन दोनों ही पाठ्यक्रमों को पूरा करने के बाद ही मिलिट्री नर्सिंग सेवा (MNS) में नौकरी का मौका मिलता है। बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई सशस्त्र सेना चिकित्सा कॉलेज (AFMC) पुणे महाराष्ट्र से होती है। यहां प्रशिक्षण के बाद सेवा में लेफ्टीनेंट पद पर नियुक्ति दे दी जाती है।
सीटों के लिए ये है आवेदन प्रक्रिया
एफएमसी पुणे में चार वर्षीय बीएससी नर्सिंग की 30 सीटें और जरनल नर्सिंग की 120 सीटें हैं। कॉलेज ऑफ नर्सिंग एएफएमसी पुणे में दाखिले के लिए आवेदन प्रपत्र अमूमन हर वर्ष दिसंबर जनवरी माह में प्रमुख अखबारों व रोजगार समाचार पत्रों में विज्ञापित किए जाते हैं। जिसे एक माह के भीतर जमा करना होता है। दाखिला अखिल भारतीय उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है। अंतिम रूप में चयन मिश्रित मेरिट के अनुसार चिकित्सीय स्वस्थता के बाद किया जाता है। उम्मीदवारों को विशेष चिकित्सा बोर्ड () के समक्ष चिकित्सीय जांच के लिए उपस्थित होना पड़ता है, जहां छाती की एक्सरे जांच की जाती है। इसके अलावा स्वास्थ्य संबन्धी अन्य जांच सेना मापदंड़ो के अनुसार होती है।
प्रवेश परीक्षा के लिए अमूमन लखनऊ, दिल्ली, बेंगलुरू, मुम्बई, कोलकाता,चंडी मंदिर, कोची देहरादून, दानापुर, गुवाहटी, जबलपुर, जम्मू, जयपुर, चेन्नई, सिकंदराबाद, त्रिवेंदम, और विशाखापत्तनम आदि के परीक्षा का केन्द्र बनाया जाता है।
ये मिलती है सुविधाएं
बीएससी नर्सिंग और सामान्य नर्सिंग मिडवाइफरी (GNM) के डिप्लोमा पाठ्यक्रम के लिए चयनित अभ्यर्थियों (महिला) को मिलिट्री नर्सिंग सेवा में 5 से 4 वर्ष तक सेवा करने के लिए बांड भरना पड़ता है। पाठ्यक्रम के बीच छोड़ देने, प्रशिक्षण पूरा न करने अथवा प्रस्ताव देने पर मिलिट्री नर्सिंग सेवा में कमीशन अस्वीकार कर देने पर प्रशिक्षण की पूरी लागत वापस करनी पड़ती है। प्रशिक्षण के दौरान निःशुल्क राशन, आवास, वर्दी, भत्ता और मासिक वृत्तिका (स्टाइपेंड) प्रदान की जाती है। प्रशि7ण के बाद मिलिट्री सेना सेवा में लेफ्टीनेंट के पद पर नियुक्त दे दी जाती है।