मानदेय बढ़ाने के साथ-साथ आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को पीएम ने दी यह सुविधाएं

मानदेय बढ़ाने के साथ-साथ आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को पीएम ने दी यह सुविधाएं

Mahendra Pratap Singh | Publish: Sep, 12 2018 06:49:54 PM (IST) | Updated: Sep, 12 2018 07:06:29 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 2019 लोकसभा चुनाव से पहले तोहफा दिया है

लखनऊ. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को 2019 लोकसभा चुनाव से पहले तोहफा दिया है। यह तोहफा है उनका मानदेय बढ़ाने का। नरेंद्र मोदी एप के जरिये आशा वर्कर्स, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और एएनएम कार्यकर्ताओं से बातचीत की। बातचीत के दौरान उन्होंने इन कार्यकर्ताओं के काम की सराहना की। इसी के साथ उन्होंने इन कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाने की बात कही। प्रधानमंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अगले महीने से 4500 रुपये मानदेय दिया जाएगा। इससे पहले उन्हें 3000 रुपये मिलते थे। वहीं जिन कार्यकर्ताओं को 2200 रुपये मानदेय मिलता था उन्हें अब 3500 रुपये मानदेय दिया जाएगा। बढ़ा हुआ मानदेय 1 अक्टूबर, 2018 से लागू होगा। यह राशि केंद्र के हिस्से की है।

मिलेगी यह सुविधा भी

मानदेय बढ़ाने के अलावा आशा वर्कर्स को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना मुफ्त दी जाएगी। दो-दो लाख की इन दोनों बीमा योजनाओं के तहत किसी तरह का प्रीमियम नहीं देना होगा व पूरा खर्च सरकार उठाएगी। कई जिलों में सरकार द्वारा स्मार्टफोन भी मुहैया कराए गए हैं। ये वर्कर्स अब तक अपना जो काम रजिस्टर में करती थीं, वो सब अब स्मार्टफोन पर करेंगी।

भारत को बनाना है एनीमिया मुक्त

मोदी के तोहफे की बारिश बस यहीं खत्म नहीं हुई। जहां पहले 42 दिनों में 6 बार आशा वर्कर्स बच्चे के जन्म के बाद उसके पास जाती थीं, वहीं अब वे 11 महीने में 15 बार बच्चे के पास जा सकेंगी। आशा कार्यकर्ताओं के काम की सराहना कर मोदी ने उनका धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि जिस अपनेपन के साथ आशा कार्यकर्ता मेहनत करती हैं व गरीब महिलाओं को स्वास्थ सेवाएं प्रदान करती हैं, उससे मुझे उम्मीद है कि आने वाले दिनों में देश को बेहतर नागरिक मिल सकेंगे। पहले देश में एनीमिया बहुत बड़ी परेशानी थी। लेकिन अब इसके केसेस पहले से कम हो रहे हैं। मोदी ने कहा कि सरकार की कोशिश रहती है कि राष्ट्रीय पोषण कार्यक्रम की मदद से इसमें तेजी हो और एनीमिया जैसी बीमारियों की दर कम हो। मोदी ने कहा कि यूं समझ लें कि एनीमिया मुक्त भारत का मतलब ग्रभवती महिलाओं और बच्चों का नया जीवन है।

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