बैठक में रालोद, सुभासपा, जनवादी पार्टी, महान दल, अपना दल कमेरावादी शामिल होंगे। बताया जा रहा है कि, नवनिर्वाचित विधायकों को मीटिंग में शिवपाल यादव सपा विधायक के तौर पर आना चाहते थे जबकि सपा, उन्हें सपा विधायक के बजाए प्रसपा अध्यक्ष के तौर पर ज्यादा अहमियत दे रही है। इसलिए उन्हें सहयोगी दल में रखा हुआ है। पर शिवपाल के तेवर बता रहे हैं कि, अब वह बड़ा निर्णय कर सकते हैं। ऐा लगता है कि, अब एक बार फिर मुलायम परिवार में दूरियां बनने लगेंगी।