UPSSSC भर्ती परीक्षा का बदलेगा पैटर्न, समूह 'ग' के लिये भी देना होगा प्री और मेन्स

UPSSSC भर्ती परीक्षा का बदलेगा पैटर्न, समूह 'ग' के लिये भी देना होगा प्री और मेन्स

Akanksha Singh | Publish: Sep, 03 2018 02:14:05 PM (IST) | Updated: Sep, 03 2018 05:19:00 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

अब परीक्षार्थियों को समूह 'ग' के पदों पर भर्ती के लिए प्री और मेन्स के एग्जाम देना होगा।

लखनऊ. upsssc भर्ती परीक्षा पैटर्न बदलने जा रहा है। अब परीक्षार्थियों को समूह 'ग' के पदों पर भर्ती के लिए प्री और मेन्स के एग्जाम देने होगें। अभ्यर्थियों को पहले प्री पास करना होगा उसके के बाद ही मेन्स परीक्षा में शामिल होने की अनमुति मिलेगी। आयोग इस संबंध में जल्द ही प्रस्ताव भेजकर शासन से अनुमति लेगा। इसके अलावा अन्य जरूरी संशोधनों पर भी विचार चल रहा है, जिससे धांधली पर रोक लग सके।

धांधली रोकने के लिए नियम बदले
सरकारी नौकरियों के लिए आयोजित की जा रही परीक्षाओं में अंधाधुंध धांधली हो रही है। इसलिए आयोग ने परीक्षा का पैटर्न बदलने का फैसला लिया है। बता दें की धांधली रोकने के लिए ही राज्य सरकार ने समूह ग भर्ती के लिए साक्षात्कार समाप्त कर दिया है। अब लिखित परीक्षा के आधार पर ही भर्तियां की जाएंगी। राज्य सरकार का मानना है कि साक्षात्कार से होने वाली भर्तियों में धांधली की संभावना अधिक रहती है। इसलिए लिखित परीक्षा पास करने वाले ही नौकरियां पाएंगे। प्रदेश में होने वाली किसी भी भर्ती में लाखों की संख्या में आवेदन आते हैं। इसीलिए आयोग इस भीड़ को रोकने के लिए परीक्षा पैटर्न में बदलाव करने जा रहा है। उसका मानना है कि नए पैटर्न से धांधली तो रुकेगी ही, साथ में योग्य अभ्यर्थी ही नौकरी पा सकेंगे।

अधीनस्थ सेवा चयन आयोग कराएगा परीक्षाएं
वहीँ अगर upsssc भर्ती परीक्षा के लिए अगर 50,000 से अधिक आवेदन किये गए हैं तो अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा इसकी दो परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। प्री पास करने के बाद मेन्स परीक्षा में शामिल होने की अनुमति देगा। प्री पास करने के बाद रिक्त पद के सापेक्ष 10 गुना अभ्यर्थियों को मेन्स परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी।

योग्यता के अनुसार होगा
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग का मानना है कि एक समान एक पद के लिए योग्यता के आधार पर इसका बंटवारा किया जाएगा। मसलन इंटर योग्यता स्तर के जितने भी पद हैं उसके लिए एक साथ आवेदन ले लिया जाए और भर्ती के बाद विभागों का आवंटन किया जाए। इसी तरह स्नातक स्तर के पदों के लिए एक साथ आवेदन लेने का विचार है। आयोग का मानना है कि इससे भर्ती प्रक्रिया में आसानी होगी और खर्च भी कम होगा।

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