अपर मुख्य सचिव गृह ने दिए सख्त निर्देश, प्लास्टिक से बनी पॉलीथीन का किया उपयोग तो होगी कड़ी कार्रवाई

अपर मुख्य सचिव गृह ने दिए सख्त निर्देश, प्लास्टिक से बनी पॉलीथीन का किया उपयोग तो होगी कड़ी कार्रवाई

Neeraj Patel | Publish: Aug, 13 2019 02:53:51 PM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

सीएम योगी आदित्यनाथ के कड़े आदेश के बाद भी खुलेआम धड़ल्ले से प्लास्टिक से पॉलीथीन का उपयोग किया जा रहा है।

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में प्लास्टिक पर प्रतिबंध होने के बाद भी दुकानदारों पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। वह सीएम योगी आदित्यनाथ के कड़े आदेश के बाद भी खुलेआम धड़ल्ले से प्लास्टिक से पॉलीथीन का उपयोग किया जा रहा है। इससे यही साबित हो रहा है कि लोग कैसे सीएम योगी के आदेश का मजाक बना रहे हैं। इसके साथ ही योगी सरकार सख्त आदेश जारी किया हैं कि यदि कोई व्यापारी या दुकानदार प्रतिबंध प्लास्टिक से बनी पॉलीथीन का उपयोग करते हुए पाया जाता है तो पर सरकार द्वारा सख्त से सख्त कार्यवाही की जाएगी।

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तीन दिन में देना होगा जवाब

अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने प्लास्टिक पर प्रतिबंध संबंधी आदेशों का अनुपालन न करने के बारे में लखनऊ के नगर आयुक्त, जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, वाणिज्य कर के उपायुक्त व सहायक आयुक्त और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सचिव से तीन दिन में जवाब देने के निर्देश दिए हैं। सभी अफसरों को तीन के अन्दर ही जवाब देना है नहीं उन पर कड़ी कार्रवाई होगी। इसके साथ ही ऐसे व्यापारियों की सूची मांगी गई है तो प्रतिबंधित होने के बाद भी प्लास्टिक बेचने में लगे हुए हैं।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि व्यापार मंडलों को लिखित रूप से प्लास्टिक के प्रतिबंध से अवगत कराकर उनकी सहमति ले ली जाए। उनसे यह भी लिखित में लिया जाए कि उनके क्षेत्र में किसी भी सदस्य द्वारा प्रतिबंधित प्लास्टिक से बनी पॉलीथीन नहीं बेची जा रही है। इसके साथ ही संबंधित जनप्रतिनिधियों को भी इस सूचना की जानकारी देने के निर्देश दिया है।

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होगी कड़ी कार्रवाई

अपर मुख्य सचिव का कहना है कि 31 अगस्त के बाद यानि सितम्बर माह से किसी भी क्षेत्र में प्रतिबंधित प्लास्टिक बेचे जाने की सूचना मिली, तो उस क्षेत्र के सभी संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस तरह की गलती पाए जाने पर संबंधित थानाध्यक्ष, नगर निगम के क्षेत्रीय अधिकारी, वाणिज्य कर के क्षेत्रीय अधिकारी और संबंधित क्षेत्र के मजिस्ट्रेट व क्षेत्राधिकारी को संयुक्त रूप से जिम्मेदार माना जाएगा और उन पर भी सरकार द्वारा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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