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इलाज के अभाव में 10 महीने की बच्ची ने तोड़ा दम, अस्पताल में भटकते रहे परिजन

रात नौ बजे जब बीमार बच्ची को लेकर परिजन पीएचसी आये तो पीएचसी में एक मात्र फार्मासिस्ट ही तैनात था।
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Indresh Gupta

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Jan 18, 2017

child death

child death

मधुबनी। खुटौना में एक 10 माह की अबोध बीमार बच्ची को लेकर परिजन रात भर पीएचसी से लेकर निजी क्लिनिक तक भटकते रहे और बच्ची ने दम तोड़ दिया। घटना खुटौना पीएचसी की है, जहां पीएचसी में एक 10 माह की बच्ची की मौत समय से इलाज नहीं हो पाने के कारण सोमवार की रात हो गई।

इस संबंध में मृतक बच्ची की मां मेहरून खातुन के बयान पर पीएचसी के डॉक्टर एएन झा पर खुटौना थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी है। दर्ज प्राथमिकी में कहा गया है कि नहरी बेला गांव के मो. निजामुद्दीन के 10 माह की पुत्री रात में अचानक तबीयत खराब हो गई।

परिजनों को ठंड मार देने की आशंका हुई, तत्काल ही बच्ची को लेकर पीएचसी आये। लेकिन यहां न तो प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी मिले और न ही उस समय ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ही थे। रात नौ बजे जब बीमार बच्ची को लेकर परिजन पीएचसी आये तो पीएचसी में एक मात्र फार्मासिस्ट ही तैनात था।

बेबस दिखा प्रशासन
जब मो. निजामुद्दीन वापस पीएचसी आये और डॉक्टर को नहीं पाया तो उसने स्थानीय थाना पुलिस को फोन की, जानकारी होते ही तत्काल ही सहायक अवर निरीक्षक शाहनवाज खां पहुंचे। लेकिन डॉक्टर के नहीं होने के कारण वे भी कुछ मदद नहीं कर सके। इस बाबत प्रभारी चिकित्सा प्रभारी डॉ. विजय मोहन केशरी ने बताया कि उस समय ड्यूटी पर डॉ. अमरनाथ झा थे।

इधर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर दी गयी है, थाना प्रभारी रामचंद्र मंडल ने बताया है कि मामले की जांच की जाएगी।