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सीएम योगी को लिखा खत और सभासद ने शपथ से ठीक पहले उठाया ये खौफनाक कदम, सपा में मचा हड़कंप

सपा के इस प्रत्याशी ने जीता था सभासद का चुनाव, शपथ से ठीक पहले लगाया मौत को गले.
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महोबा

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Abhishek Gupta

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Updated: 10 Dec 2017, 9:14 PM IST

Lalta Prasad

Lalta Prasad

महोबा. बुन्देलखण्ड की मुफलिसी और गरीबी उसकी पहचान बन चुकी है। इसका अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि एक नवनिर्वाचित सभासद ने गरीबी और भुखमरी से तंग आकर आत्महत्या कर ली। शपथ के एक दिन पहले सभासद के इस कदम से न केवल लोग हैरत में है, बल्कि मृतक के मासूम बच्चे भी खासे अचंभित हैं। सभासद की मौत की सूचना पर प्रशासनिक अमला भी मौके पर पहुंच गया। मृतक के शव के पास से सीएम योगी ओर डीएम के नाम एक सुसाईड नोट बरामद हुआ है, जिसमे उसकी मुफलिसी साफ झलक रही है। इस मामले में जिम्मेदार अधिकारी जाँच करने की बात कह रहे हैं।

सुला दिया गरीब बाप ने मासूम बच्चों को यह कहकर कि परियाँ आएंगी सपनों में रोटी लेकर !
किसी शायर का ये शेर गरीब परिवार की हकीकत को बयां करने के लिए काफी है। प्रदेश का सबसे बदहाल क्षेत्र बुन्देलखण्ड इस कदर गरीबी से जूझ रहा है कि आम आदमी ही नहीं बल्कि जनप्रतिनिधि भी हताश होकर मौत को गले लगा रहे हैं। महोबा जनपद के चरखारी में यह घटना न केवल ह्रदय को झकझोर देने वाली है बल्कि प्रशासनिक तंत्र पर भी सवाल खड़ा करती है। दरअसल चरखारी कोतवाली कस्वा क्षेत्र के वार्ड नंबर-2 छोटा रमना से अभी हाल ही में सपा के टिकट से जीते सभासद ललता अहिरवार के घर में जीत की खुशियां थी तो अब उसी घर में मातम पसरा है। दरअसल 12 दिसम्बर को होने वाली शपथ से एक दिन पहले सभासद ने कांशीराम कॉलोनी के अपने आवास में फाँसी से लटककर अपनी जान दे दी। जब मृतक का बड़ा पुत्र अमित घर पहुंचा तो बाप का लटकता हुआ शव देखकर मदद के लिए चिल्लाने लगा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। सभासद की मौत की खबर सुनते ही लोगों का हुजूम इकट्ठा हो गया।

प्रशासनिक अमला सहित नगर पालिका अध्यक्ष मूलचंद अनुरागी भी मौके पर पहुँच गए। आपको बता दें कि मृतक की पत्नी की 10 वर्ष पूर्व बीमारी और गरीबी के चलते मौत हो गयी थी। घर की आर्थिक स्थिति पहले से ही बहुत कमजोर थी। अपने बच्चों को पालने के लिए मृतक अखवार बाटकर गुजारा करता था। किसी तरह परिवार पल रहा था, उस पर बड़ी होती बेटी रचना की शादी की चिंता बाप को सताने लगी थी। मृतक के बड़े पुत्र अमित की माने तो घर के हालात इतने खराब थे कि फांकाकसी का दौर चल रहा था। कभी पड़ोस के चाचा खाना खिलाते थे तो कभी एक वक्त का ही खाना मिल पाता था। यही नहीं परिवार पालने के लिए साहूकारों से लिया कर्ज़ भी परेशानी का सबब था।

इस बीच रिश्तेदारों ओर पड़ोसियों की मदद से वह सपा का टिकट पाकर सभासद का चुनाव भी जीत गया। बच्चों को उम्मीद थी कि अब दिन बदलेंगे, मगर गरीबी इस कदर हावी थी कि दलित लालता ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। पड़ोसी बताते हैं कि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी इसी के चलते ये कदम उठाया है। परिवार के लोग बताते हैं कि शासन प्रशासन से कभी कोई राहत नहीं मिली न किसी योजना का लाभ मिल पाया।

सीएम योगी को लिखा खत-

शायद यही वजह है कि मृतक ने सिस्टम पर सवाल खड़े करते हुए अपनी मौत से पहले सीएम योगी और जिले के डीएम के नाम सुसाईड नोट लिखकर खुद पर बीत रही आर्थिक तंगी की मार को दर्शाया। सभासद की मौत की सूचना मिलते ही एसडीएम चरखारी जंग बहादुर सिंह सहित एएसपी वंश राज यादव और थाना पुलिस मौके पर पहुँच गयी। विवेचक शिवसरन शर्मा बताते हैं कि मृतक के पास से सोसाइड नोट बरामद हुआ है। आत्महत्या के पीछे गरीबी बड़ा कारण बताई जा रही है। वही एसडीएम जंगबहादुर बताते हैं कि मामले की जांच की जा रही है। सुसाईड नोट मिला है जिसमे मौत के पीछे आर्थिक तंगी को कारण बताया गया है। मामले की जाँच की जा रही है उसी के आधार पर आगे की कार्यवाही होगी।

बहरहाल भले ही प्रशासन अब जाँच कर कार्यवाही करने की बात कह रहा है, मगर यह किसी से छिपा नहीं है कि बुंदेलखंड का महोबा आज भी अपनी मुफलिसी पर आंसू बहाने के लिए मजबूर है। नवनिर्वाचित सभासद की मौत सिर्फ बानगी है, हकीकत यह है कि आर्थिक तंगी के चलते परिवार दो वक्त की रोटी तक के लिए मोहताज है। आखिर क्यों इस सभासद के परिवार को सरकारी योजनाओं से महरूम रहना पड़ा। जब एक जनप्रतिनिधि की ये हालत थी तो आम इंसान की ज़िंदगी का अंदाजा लगाना कठिन नहीं है।