
Mindset
अक्सर आप पढ़ते होंगे कि इंसान जैसा सोचता है, वह वैसा ही बनता जाता है। यदि किसी की सोच पॉजिटिव है तो उसकी अप्रोच में भी उसका असर झलकने लगता है और वह अवसरों की तलाश करने लगता है। लेकिन अगर किसी का माइंडसेट (Mindest) ही निगेटिव है तो उसे हर काम में खामियां ही दिखती हैं। उसे लगातार विफलता का डर सताता रहता है। इस अप्रोच के चलते या तो वह कोई प्रोजेक्ट हाथ में लेता ही नहीं है या फिर विफलता के बारे में सोच-सोच कर उसे अच्छी तरह पूरा करने का प्रयास ही नहीं कर पाता।
आप हैं सही
आपकी सोच और अप्रोच इस बात पर निर्भर करती है कि किसी भी प्रोजेक्ट को हाथ में लेते हुए या किसी भी टारगेट को तय करते हुए आप अपने आपसे बात क्या करते हैं? आप खुद के सफल होने या विफल रहने में से जो भी बात खुद से करते हैं, वह अक्सर सही ही साबित होती है। सामने आई चुनौतियों को लेकर खुद को बरगलाने के बजाय उन्हें स्वीकार करके उनसे उबरने का निश्चय जताएंगे, तो जीत आपकी ही होगी।
खुद पर है भरोसा
सफलता की दिशा में कदम बढ़ाने के लिए जरूरी है कि आप अपनी क्षमताओं को एकजुट करें। अब ये क्षमताएं आपकी अंदरूनी भी हैं और टीम मेंबर्स की भी। टीम मेंबर्स को मोटिवेट तब कर पाएंगे, जब खुद आत्मविश्वास से लबरेज दिखेंगे। सबसे पहले तो खुद अपनी क्षमताओं पर भरोसा जताएं। अपनी पिछली विफलता को हावी होने देने के बजाय, खुद अपने प्लान पर विचार करते हुए अपने आप को इस दिशा में कदम बढ़ाने के लिए तैयार करें।
स्वीकारें उतार-चढ़ाव
बिजनेस में बने रहने के लिए और लगातार बढ़ते रहने के लिए स्वीकृति की अप्रोच सबसे जरूरी है। यह सबसे पहले स्वीकार करें कि बिजनेस में हर दिन एक सा नहीं रहने वाला है। अगर आपने अब तक विफलता ही देखी है या अब तक अगर आपके हाथ हमेशा सफलता ही लगी है तो कोई जरूरी नहीं कि कल भी ऐसा ही हो। आपको बेस्ट की उम्मीद रखनी है लेकिन किसी भी वस्र्ट (बुरे) के लिए तैयार भी रहना है।
अंधेरे में तीर नहीं
भले ही कई लोगों को अचानक सफलता मिल चुकी हो, लेकिन अपने आप को ऐसे भाग्यशालियों की कतार में मानते हुए अंधेरे में तीर न चलाएं। सफलता की तैयारी के लिए जरूरी है कि आपके सामने लक्ष्य स्पष्ट हो। आपको पता होना चाहिए कि आपने क्या हासिल करना है और कैसे हासिल करना है? लक्ष्य तय होने पर ही आप अपनी टीम के सामने इसे रख पाएंगे। इसलिए सफलता के सिर्फ ख्वाब न देखें, प्लानिंग भी करें।
जल्दबाजी नहीं चलेगी
एक-दो महीने में कोई खास आय न होती देखकर स्टोर बंद करते हुए आपने कइयों को देखा होगा। यही नहीं किसी रणनीति के तुरंत प्रभावी न होने पर उसमें जल्दी-जल्दी बदलाव करने वाले भी कई लोग मिल जाएंगे। यह अप्रोच बिजनेस के लिए अच्छी नहीं है। आपको बाजार को समझना होगा और खुद को इसमें स्थापित होने के लिए थोड़ा वक्त भी देना होगा।
बन गए बिजनेसमैन
बिजनेस में नकारात्मक ठहराव उस समय से आना शुरू हो जाता है, जब आप मान बैठते हैं कि अब बिजनेस स्थापित हो गया है। हर दम नया करते रहने की बेकार मेहनत अब कोई जरूरी नहीं। खुद को बाजार में हमेशा प्रासंगिक बनाए रखने के लिए जरूरी है कि आप बिजनेस में समय के साथ कुछ नयापन लाते रहें, वर्ना कंपीटिटर्स को हावी होते देर नहीं लगेगी।
डर का करें सामना
आखिर क्यों आप किसी ऐसे ही फील्ड में उतरना चाहते हैं, जहां नियमित रूप से एक बंधा बंधाया रेवेन्यू आना ही है? आप क्यों कोई ऐसा क्षेत्र चुनने की हिम्मत नहीं जुटा पाते, जिसमें आपकी मास्टरी है लेकिन उसका मार्केट अभी ज्यादा स्थापित नहीं है। विफलता क ो लेकर जो डर आपके मन में बैठे हुए हैं, उनका सामना करें।
जलन नहीं लगन हो
किसी छोटे से लेकिन यूनीक बिजनेस को आसमान की बुलंदियों पर ले जाने वालों की सबसे अहम अप्रोच यह होती है कि उनमें अपने काम को लेकर लगन होती है, किसी दूसरे क ी सफलता को देखकर जलन नहीं। बिजनेस में यदि लॉन्ग टर्म सक्सेस चाहते हैं तो जलन नहीं, बल्कि लगन की भावना लाएं।
Published on:
20 Jul 2019 07:19 pm
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